क्या मैं तुम दोनों को उससे बेहतर चीज़ न बताऊँ, जो तुमने माँगा है? जब तुम अपने बिस्तर में ज…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है

स़ह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: क्या मैं तुम दोनों को उससे बेहतर चीज़ न बताऊँ, जो तुमने…

हदीस की व्याख्या: क्या मैं तुम दोनों को उससे बेहतर चीज़ न बताऊँ, जो तुमने…

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की बेटी फ़ातिमा रज़ियल्लाहु अनहा ने अपने पिता के सामने चक्की पीसने के कारण अपने हाथ में पड़े हुए छाले की शिकायत की और फिर जब अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के पास कुछ क़ैदी आए, तो उनमें से एक क़ैदी माँगने के लिए आपके यहाँ पहुँचीं, ताकि घर के काम-काज में कुछ आसानी हो। लेकिन चूँकि आप घर में नहीं थे, इसलिए जो कहना था, आइशा रज़ियल्लाहु अनहा से कहकर वापस हो गईं। आप घर आए, तो आइशा रज़ियल्लाहु अनहा ने बताया कि फ़ातिमा रज़ियल्लाहु अनहा एक सेवक का अनुरोध करने के लिए आई थीं। यह सुन अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम फ़ातिमा और अली रज़ियल्लाहु अनहुमा के घर पहुँच गए। उस समय दोनों बिस्तर में थे और सोने की तैयारी कर रहे थे। चुनांचे आप दोनों के बीच इस तरह बैठ गए कि अली रज़ियल्लाहु अनहु ने आपके क़दमों की ठंडक अपने पेट में महसूस की। बैठ जाने के बाद आपने पूछा : तुम दोनों ने मुझसे सेवक का जो आग्रह किया है, क्या मैं तुम दोनों को उससे बेहतर चीज़ न बता दूँ? दोनों ने उत्तर दिया : अवश्य बताएँ। अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : जब तुम दोनों रात में सोने के लिए बिस्तर पर जाओ, तो 34 बार अल्लाहु अकबर कहो, 33 बार सुबहान अल्लाह कहो, 33 बार अल-हम्दु लिल्लाह कहो; यह ज़िक्र तुम दोनों के लिए सेवक से बेहतर है।

सीख: क्या मैं तुम दोनों को उससे बेहतर चीज़ न बताऊँ, जो तुमने…

श्रेणियाँ : दुआओं तथा अज़कार पर आधारित फ़िक़्ह · मुसीबत के समय के अज़कार · फ़ज़ीलतें तथा आदाब

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حسبنا الله ونعم الوكيل अल्लाह हमारे लिए काफी है, कितना अच्छा रक्षक है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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