इस्लाम > Hi > हदीस > परवर स सबधत फकह > जो औरत अपने वली गण (अभिभावकों) की अनुमति के बिना निकाह करे, उसका निकाह बातिल है। (निकाह बा…
स़ह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 2 मिनट पढ़ने का समयअल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने इस बात से सावधान किया है कि कोई महिला अपने वलियों (अभिभावकों) की अनुमति के बिना शादी कर ले। आपने इस प्रकार के निकाह को बातिल (अवैध) कहा है और इस वाक्य को तीन बार दोहराया है। गोया यह निकाह हुआ ही नहीं।
अगर महिला से वली की अनुमति के बिना निकाह करने वाले व्यक्ति ने उसके साथ एकांतवास कर लिया, तो महिला को पूरा महर मिलेगा।
अतः यदि उस व्यक्ति ने उस (स्त्री) से सहवास कर लिया हो जिससे उसने उसके 'वली' (अभिभावक) की अनुमति के बिना विवाह किया था; तो उस (स्त्री) का पूरा 'महर' (हक़) है, उस शारीरिक मिलन के कारण जो उसने उससे किया है।
फिर अगर निकाह का वली बनने के संंबंध में वलियों के बीच मतभेद हो जाए और सारे वली एक ही श्रेणी के हों, तो उस वली का किया हुआ निकाह दुरुस्त होगा, जो पहले निकाह कराए, जब उसने निकाह औरत के हितों को ध्यान में रखते हुए कराया हो। अगर वली निकाह कराने से मना कर दे, तो यह माना जाएगा कि उस औरत का कोई वली नहीं है। ऐसे में शासक या उसकी ओर से नियुक्त अधिकारी, जैसे क़ाज़ी आदि, उसके वली होंगे। इससे अलग प्रस्तिथि में वली के होते हुए शासक के पास वली बनने का अधिकार नहीं है।
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