अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) और आपके सहाबा चार ज़िल-हिज्जा की सुब्ह को मक्का …

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) और आपके सहाबा…

عن عبد الله بن عباس رضي الله عنهما قال: «قَدِمَ رسول الله صلى الله عليه وسلم وأصحابه صَبِيحَةَ رَابِعَةٍ، فأمرهم أن يجعلوها عمرة، فقالوا: يا رسول الله، أَيُّ الحِلِّ؟ قال: الحِلُّ كُلُّهُ».

हदीस की व्याख्या: अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) और आपके सहाबा…

अब्दुल्लाह बिन अब्बास -अल्लाह उनसे प्रसन्न हो- कहते हैं कि नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- और आपके साथी हज्जतुल वदा के अवसर पर जुल हिज्जा की चौथी तारीख की सुबह मक्का पहुँचे। कुछ लोगों ने सिर्फ हज की नीयत की थी और कुछ लोगों ने हज तथा उमरा दोनों की नीयत की थी। आपने इन दोनों प्रकार के लोगों में से जो लोग क़ुरबानी का जानवर साथ नहीं लाए थे, उन्हें आदेश दिया कि हज से हलाल हो जाएँ और अपने एहराम को उमरा से बदल लें। लेकिन लोगों पर यह आदेश भारी पड़ रहा था। उन्हें यह बात बड़ी भारी लग रही थी कि इस तरह पूरे तौर पर हलाल हो जाएँ कि संभोग तक हलाल हो जाए और उसके बाद फिर हज का एहराम बाँधें। यही कारण है कि उन्होंने अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- से पूछा कि हम किस हद तक हलाल हों? तो आप -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने उत्तर दिया कि पूरे तौर पर हलाल हो जाओ, जिससे तुम्हारे लिए एहराम पहले हलाल सारी वस्तुएँ हलाल हो जाएँगी। फिर सहाबा ने आपके आदेश का पालन किया।

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بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.6 / 29.5
रोशनी 96%
13 दिनों में अमावस्या
حسبنا الله ونعم الوكيل अल्लाह हमारे लिए काफी है, कितना अच्छा रक्षक है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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