हज तथा उमरा के अहकाम एवं मसायल पर हदीसें

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«हज तथा उमरा के अहकाम एवं मसायल» पर 16 समझाई गई नबवी हदीसें: अरबी पाठ, अनुवाद, व्याख्या और सीख, प्रामाणिकता की डिग्री और स्रोतों के साथ।

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

हज तथा उमरा के अहकाम एवं मसायल पर हदीसों की सूची

सह़ीह़ मुझे हज्जतुल वदा के अवसर पर अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के साथ हज कराया गया, जबकि उस समय मेरी आयु सात साल थी। सह़ीह़ अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने एक ऊँट पर बैठकर हज किया, जिसमें आपके खाने के सामान तथा अन्य वस्तुएँ रखी थीं। सह़ीह़ उकाज़, मजिन्ना और ज़ुल-मजाज़ जाहिलियत काल के बाज़ार थे। पर सहाबा ने हज के दिनों में व्यापार करने को पाप समझा, तो यह आयत उतरीः "ليس عليكم جناح أن تبتغو सह़ीह़ जब अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) और आपके सहाबा मक्का आए, तो बहुदेववादियों ने कहाः तुम्हारे यहाँ ऐसे लोग आ रहे हैं, जिन्हें यसरिब के बुखार सह़ीह़ अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) मक्का में कदा की ओर से, बतहा की ऊँची घाटी से होते हुए दाखिल हुए और नीची घाटी से निकले स़ह़ीह़ मैं अच्छी तरह जानता हूँ कि तू एक पत्थर है। न हानि पहुँचा सकता है और न लाभ दे सकता है। यदि मैंने नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को तुझे चूमते न देखा हो सह़ीह़ नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने हज्जतुल वदा के अवसर पर ऊँट पर सवार होकर तवाफ़ किया। आप मुड़े हुए किनारे वाली छड़ी से हजरे असवद को छू रहे थे। सह़ीह़ मैंने नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को, काबा के दो यमनी रुक्नों के अतिरिक्त किसी और भाग को छूते हुए नहीं देखा। सह़ीह़ ऐ लोगो, शांति बनाए रखो, क्योंकि नेकी तेज़ चलने ही से नहीं मिलती। सह़ीह़ अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) (मदीने से) अल-शजरा के रास्ते से निकलते और अल-मुअर्रस के रास्ते से अंदर आते। और जब मक्का में प्रवेश करते, तो सह़ीह़ अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) मिना आए, तो जमरा पहुँचकर कंकड़ी मारी, फिर मिना में अपने ठहरने के स्थान पर आए और क़ुरबानी की तथा सर के बाल मू सह़ीह़ 'तमत्तो' (अर्थात हज के अवसर पर उमरा करके एहराम खोल देने और नए सिरे से एहराम बाँधकर हज करने) की आयत उतरी और अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) न सह़ीह़ मैंने अब्दुल्लाह बिन अब्बास (रज़ियल्लाहु अंहुमा) से 'हज्जे तमत्तो' के बारे में पूछा, तो उन्होंने मुझे उसका आदेश दिया। फिर मैंने उनसे क़ुरबानी के बारे सह़ीह़ अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) एहराम की अवस्था में कैसे अपना सिर धोते थे? सह़ीह़ अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) और आपके सहाबा चार ज़िल-हिज्जा की सुब्ह को मक्का पहुँचे तो आपने उन्हें आदेश दिया कि हज के एहराम को उमरा का एह सह़ीह़ पाँच प्रकार के जीव-जन्तु हानिकारक हैं, उन्हें हरम के अंदर भी मारा जाएगा, कौआ, चील, बिच्छू, चूहा और काटने वाला कुत्ता।
بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.6 / 29.5
रोशनी 96%
13 दिनों में अमावस्या
أستغفر الله मैं अल्लाह से माफी माँगता हूँ

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद