इस्लाम > Hi > हदीस > फकह तथ उसल ए फकह > कोई महिला किसी महिला का विवाह सम्पन्न न कराए, न कोई महिला स्वयं अपना विवाह कर ले, ऐसी महिल…
सह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم : «لا تُزوِّجُ المرأةُ المرأةَ، ولا تُزوج المرأةُ نفسَها، فإنَّ الزَّانية هي التي تُزوجُ نفسَها».
यह हदीस बताती है कि स्त्री निकाह में वली नहीं बन सकती। न अपने निकाह में और न किसी और के निकाह में। जिस निकाह में कोई स्त्री स्वयं अपनी शादी कराए, वह अवैध निकाह है। जहाँ तक इस हदीस के शब्द : "ऐसी महिला जो स्वयं अपना विवाह कर लेती है वह ज़ानिया (दुराचारी) है" की बात है, तो ये शब्द अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अनहु- के हैं। वह कहना यह चाहते हैं कि निकाह कराने की ज़िम्मेवारी किसी स्त्री का उठाना दरअसल दुराचारी महिला का काम है। वली के बिना निकाह होना ही नहीं चाहिए।
श्रेणियाँ : परिवार से संबंधित फ़िक़्ह · निकाह · फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह