और मैं साद बिन अबी बक्र नामी क़बीले से ताल्लुक़ रखता हूँ।

इस्लाम > Hi > हदीस > अकद > और मैं साद बिन अबी बक्र नामी क़बीले से ताल्लुक़ रखता हूँ।

हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है

स़ह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

📖 3 मिनट पढ़ने का समय

हदीस का पाठ: और मैं साद बिन अबी बक्र नामी क़बीले से ताल्लुक़ रखता हू…

عن أَنَسَ بْنَ مَالِكٍ رضي الله عنه قال: بينما نحن جلوس مع النبي صلى الله عليه وسلم في المسجد دخل رجل على جمل، فأناخه في المسجد ثم عقله، ثم قال لهم: أيكم محمد؟ والنبي صلى الله عليه وسلم متكئ بين ظهرانيهم، فقلنا: هذا الرجل الأبيض المتكئ. فقال له الرجل: يا ابن عبد المطلب فقال له النبي صلى الله عليه وسلم: «قد أجبتك». فقال الرجل للنبي صلى الله عليه وسلم: إني سائلك فمشدد عليك في المسألة، فلا تجد علي في نفسك؟ فقال: «سل عما بدا لك» فقال: أسألك بربك ورب من قبلك، آلله أرسلك إلى الناس كلهم؟ فقال: «اللهم نعم». قال: أنشدك بالله، آلله أمرك أن نصلي الصلوات الخمس في اليوم والليلة؟ قال: «اللهم نعم». قال: أنشدك بالله، آلله أمرك أن نصوم هذا الشهر من السنة؟ قال: «اللهم نعم». قال: أنشدك بالله، آلله أمرك أن تأخذ هذه الصدقة من أغنيائنا فتقسمها على فقرائنا؟ فقال النبي صلى الله عليه وسلم: «اللهم نعم». فقال الرجل: آمنت بما جئت به، وأنا رسول من ورائي من قومي، وأنا ضمام بن ثعلبة أخو بني سعد بن بكر.

हदीस की व्याख्या: और मैं साद बिन अबी बक्र नामी क़बीले से ताल्लुक़ रखता हू…

अनस बिन मालिक रज़ियल्लाहु अनहु बयान कर रहे हैं : एक दिन सहाबा अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के साथ मस्जिद में बैठे हुए थे कि अचानक एक व्यक्ति ऊँट पर सवार होकर आया और उसे मस्जिद में बिठाकर बाँध दिया। उसके बाद सहाबा से पूछा कि तुममें से कौन मुहम्मद है? उस समय अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम लोगों के बीच टेक लगाकर बैठे हुए थे। अतः हमने कहा कि यह टेक लगाकर बैठे हुए गोरे व्यक्ति मुहम्मद हैं। चुनाँचे उस व्यक्ति ने आपको संबोधित करते हुए कहा : ऐ अब्दुल मुत्तलिब के बेटे! उत्तर में आपने कहा : मैं तुम्हारी बात सुन रहा हूँ। तुम पूछो, मैं तुम्हारे सवाल का जवाब दूँगा। उस व्यक्ति ने अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से कहा कि मैं आपसे कुछ बातें पूछूँगा और ज़रा सख़्ती से पूछूँगा, इसलिए आप मुझपर नाराज़ न हों। यानी आप क्रोधित तथा विचलित न हों। यह सुन आपने कहा : जो पूछना है, पूछो। उस व्यक्ति ने कहा : मैं आपसे आपके तथा आपसे पहले लोगों के रब की क़सम देकर पूछता हूँ कि क्या अल्लाह ने आपको तमाम लोगों की ओर रसूल बनाकर भेजा है? आपने उत्तर दिया : अल्लाह गवाह है कि यह बात सत्य है। आपने अल्लाह को गवाह अपनी बात की सत्यता को स्थापित करने के लिए कही। उस व्यक्ति ने कहा : मैं आपसे अल्लाह की क़सम देकर पूछता हूँ कि क्या अल्लाह ने आपको इस बात का आदेश दिया है कि हम दिन और रात में पाँच वक़्त की नमाज़ें पढें? आपने कहा : मैं अल्लाह को गवाह बनाकर कहता हूँ कि यह बात सच्ची है। उसने कहा : मैं आपसे अल्लाह की क़सम देकर पूछता हूँ कि क्या अल्लाह ने आपको आदेश दिया है कि हम साल में इस महीने यानी रमज़ान महीने के रोज़े रखें? आपने कहा : मैं अल्लाह को गवाह बनाकर कहता हूँ कि यह बात सच्ची है। उस व्यक्ति ने कहा : मैं आपसे अल्लाह की क़सम देकर पूछता हूँ कि क्या अल्लाह ने आपको इस बात का आदेश दिया है कि आप हमारे मालदार लोगों से यह ज़कात लें और हमारे ग़रीबों के बीच बाँट दें? अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : मैं अल्लाह को गवाह बनाकर कहता हूँ कि यह बात सच्ची है। यह सब कुछ सुनने के बाद वह व्यक्ति, जिसका नाम ज़िमाम बिन सालबा था, मुसलमान हो गया और अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को बताया कि वह अपनी क़ौम को इस्लाम की ओर बुलाएँगे। फिर, बताया कि उनका नाम ज़िमाम बिन सालबा है और वह बनू साद बिन बक्र क़बीले से है।

सीख: और मैं साद बिन अबी बक्र नामी क़बीले से ताल्लुक़ रखता हू…

श्रेणियाँ : इबादतों पर आधारित फ़िक़्ह · नमाज़ · ज़कात · रोज़े · अक़ीदा · अल्लाह की ओर बुलाना · फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह · नमाज़ की अनिवार्यता तथा नमाज़ छोड़ने वाले का हुक्म · ज़कात की अनिवार्यता तथा ज़कात अदा न करने वाले का हुक्म · Obligation of Fasting and Ruling of Its Abandoning · सर्वशक्तिमान एवं महान अल्लाह पर ईमान · आह्वान एवं भलाई का आदेश देने तथा बुराई से रोकने का प्रबंध करना · रसूलों पर ईमान · अल्लाह के नाम और उनसे संबंधित अहकाम · हमारे नबी मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम · इस्लाम

بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.5 / 29.5
रोशनी 97%
13 दिनों में अमावस्या
الحمد لله अल्लाह की सारी प्रशंसा है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद