इस्लाम > Hi > हदीस > फजलत तथ आदब > इन शौच के स्थानों में शैतान तथा जिन्न उपस्थित रहते हैं, अतः, जब तुममें से कोई शौच के स्थान…
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27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعن زيد بن أرقم رضي الله عنه ، عن رسول الله صلى الله عليه وسلم قال:«إنَّ هذه الحُشُوشَ مُحْتَضَرَةٌ، فإذا أتى أحدُكم الخَلَاءَ فَلْيَقُلْ: أعوذُ باللهِ مِنَ الخُبُثِ والخَبَائث».
शौच के स्थान में जिन्न एवं शैतान उपस्थि रहते हैं और इस प्रतीक्षा में बैठे रहते हैं कि इन्सान को कष्ट दे सकें और उसके अंदर बिगाड़ पैदा कर सकें। क्योंकि यह ऐसा स्थान है, जहाँ शरीर के गुप्त अंगों को खोला जाता है और उसमें अल्लाह का नाम भी नहीं लिया जाता। अतः जब कोई मुसलमान शौच के स्थान में पहुँचे, तो यह दुआ पढ़े : "أعوذُ باللهِ مِنَ الخُبُثِ والخَبَائث" यानी मैं तमाम शैतानों, चाहे वह पुरुष हों या स्त्री, की बुराई से अल्लाह की शरण एवं रक्षा में आता हूँ।
श्रेणियाँ : दुआओं तथा अज़कार पर आधारित फ़िक़्ह · शौचालय में प्रवेश करने और उससे बाहर निकलने के अज़कार · फ़ज़ीलतें तथा आदाब