अपशगुन लेना शिर्क है। अपशगुन लेना शिर्क है। अपशगुन लेना शिर्क है। -आपने यह बात तीन बार कही…

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हदीस वर्णनकर्ता: इस ह़दीस़ को अबू दावूद, तिर्मिज़ी, इब्न-ए-माजह और अह़मद ने रिवायत किया है

स़ह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: अपशगुन लेना शिर्क है। अपशगुन लेना शिर्क है। अपशगुन लेना…

हदीस की व्याख्या: अपशगुन लेना शिर्क है। अपशगुन लेना शिर्क है। अपशगुन लेना…

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने किसी सुनी जाने वाली या देखी जाने वाली चीज़, जैसे पक्षियों, जानवरों, अक्षम लोगों, संख्याओं या दिनों आदि का अपशगुन लेने से सावधान किया है। लेकिन यहाँ पक्षी का उल्लेख इसलिए किया कि अज्ञानता काल में उससे अपशगुन लेना एक आम बात थी। होता यह था कि अरब के लोग जब कोई काम, जैसे यात्रा या व्यापार आदि शुरू करने का इरादा करते, तो एक पक्षी उड़ाते। यदि पक्षी दाएँ ओर उड़ता, तो अच्छा शगुन लेते और उस काम में क़दम आगे बढ़ा देते। लेकिन अगर बाएँ ओर उड़ता, तो अपशगुन लेते और क़दम वापस पीछे खींच लेते। आपने इसे शिर्क बताया। शिर्क इसलिए कि भलाई लाने वाला और बुराई से बचाने वाला अल्लाह के सिवा कोई नहीं है।

आगे अब्दुल्लाह बिन मसऊद रज़ियल्लाहु अनहु ने बताया कि कभी-कभी मुसलमान के दिल में थोड़ा-बहुत अपशगुन आ जाता है। ऐसे में उसे अल्लाह पर भरोसा रखते हुए, असबाब को अपनाकर, इसे खतम कर देना चाहिए।

सीख: अपशगुन लेना शिर्क है। अपशगुन लेना शिर्क है। अपशगुन लेना…

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لا إله إلا الله अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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