जिस रात मुझे मेराज कराई गई, उस रात मैं इब्राहीम अलैहिस्सलाम से मिला। तो इब्राहीम अलैहिस्सल…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे तिर्मिज़ी ने रिवायत किया है

शवाहिद के आधार पर ह़सन

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: जिस रात मुझे मेराज कराई गई, उस रात मैं इब्राहीम अलैहिस्…

हदीस की व्याख्या: जिस रात मुझे मेराज कराई गई, उस रात मैं इब्राहीम अलैहिस्…

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम बता रहे हैं कि इस्रा एवं मेराज की रात आपकी मुलाक़ात अल्लाह के परम मित्र इब्राहीम अलैहिस्सलाम से हुई, तो उन्होंने कहा : ऐ मुहम्मद! अपनी उम्मत को मेरा सलाम कह देना और बता देना कि जन्नत की मिट्टी बहुत अच्छी है और उसका पानी बड़ा मीठा है। खारेपन का नाम व निशान तक नहीं है। जन्नत एक समतल, पेड़-पौधों से ख़ाली और बहुत बड़ा मैदान है, जिसमें पेड़ लगाने का काम कुछ पवित्र शब्दों द्वारा होता है। इन पवित्र शब्दों को "अल-बाक़ियात अल-सालिहात" यानी बाक़ी रह जानी वाली नेकियाँ भी कहा जाता है। ये शब्द हैं : "सुबहानल्लाह, अल-हम्दु लिल्लाह, ला इलाहा इल्लल्लाह एवं अल्लाहु अकबर", जब जब कोई मुसलमान इन शब्दों को कहता है और दुहराता है, तो उसके लिए जन्नत में पेड़ लगा दिया जाता है।

सीख: जिस रात मुझे मेराज कराई गई, उस रात मैं इब्राहीम अलैहिस्…

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لا إله إلا الله अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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