इस्लाम > Hi > हदीस > फजलत तथ आदब > दो दुआएँ लौटाई नहीं जातीं या कम ही लौटाई जाती हैं; अज़ान के समय की दुआ और युद्ध के समय की …
सह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعن سهل بن سعد رضي الله عنهما مرفوعاً: «ثنتان لا تُرَدَّانِ، أو قلما تردان: الدعاء عند النداء وعند البأس حِينَ يُلْحِمُ بَعْضُهُ بَعْضًا».
श्रेणियाँ : दुआओं तथा अज़कार पर आधारित फ़िक़्ह · दुआ ग्रहण होने में सहायक चीज़ें तथा उसे ग्रहण न होने देने वाली वस्तुएँ · फ़ज़ीलतें तथा आदाब