अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- जब सोने लगते, तो अपने दोनों हाथों में फूँकते और …

इस्लाम > Hi > हदीस > फजलत तथ आदब > अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- जब सोने लगते, तो अपने दोनों हाथों में फूँकते और …

हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

📖 1 मिनट पढ़ने का समय

हदीस का पाठ: अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- जब सोने लगते,…

عن عائشة رضي الله عنها أن النبي صلى الله عليه وسلم كان إذا أخذ مَضْجَعَهُ نَفَثَ في يديه، وقرأ بالمُعَوِّذَاتِ، ومسح بهما جسده.
وفي رواية: أن النبي صلى الله عليه وسلم كان إذا أَوَى إلى فِرَاشِهِ كل ليلة جَمَعَ كَفَّيْهِ، ثم نَفَثَ فيهما فقرأ فيهما: «قل هو الله أحد، وقل أعوذ برب الفلق، وقل أعوذ برب الناس» ثم مسح بهما ما استطاع من جسده، يبدأ بهما على رأسه ووجهه، وما أَقْبَلَ من جسده، يفعل ذلك ثلاث مرات.

हदीस की व्याख्या: अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- जब सोने लगते,…

आइशा -रज़ियल्लाहु अनहा- जो अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- की दुनिया में भी पत्नी थीं और आख़िरत में भी होंगी, हमें आपकी एक सुन्नत बताती हैं कि आप हर रात सोते समय अपने दोनों हाथों को मिला लेते और उनमें हल्के से इस तरह फूँक मारते कि थूक न निकले और सूरा अल-इख़लास, सूरा अल-फ़लक़ और सूरा अन-नास पढ़ते थे। आदमी इस सुन्नत पर अमल करते समय चाहे तो पहले फूँक मारे और उसके बाद इन सूरों को पढ़े या फिर पहले इन सूरों को पढ़े और उसके बाद फूँक मारे। क्योंकि यह हदीस तरतीब एवं दोनों कार्यों में से किसी को पहले और किसी को बाद में करने का प्रमाण प्रस्तुत नहीं करती। उसके बाद आप दोनों हाथों को जहाँ तक हो पाता अपने शरीर पर फेरते। आरंभ सर एवं चेहरे तथा शरीर के अगले भाग से करते। तीनों सूरों को पढ़ने, फूँक मारने और हाथ फेरने का यह काम तीन बार करते थे।

श्रेणियाँ : दुआओं तथा अज़कार पर आधारित फ़िक़्ह · मुसीबत के समय के अज़कार · फ़ज़ीलतें तथा आदाब

بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.5 / 29.5
रोशनी 97%
13 दिनों में अमावस्या
اللهم صل على محمد ऐ अल्लाह, मुहम्मद पर दरूद भेज

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद