अभिमान तथा अहंकार का हराम होना और इसका बुरा अंत

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: अभिमान तथा अहंकार का हराम होना और इसका बुरा अंत

عن أبي هريرة رضي الله عنه مرفوعًا: «بينما رجل يمشي في حُلَّةٍ تُعْجِبُهُ نَفْسُهُ، مُرَجِّلٌ رأسه، يَخْتَالُ في مَشْيَتهِ، إذ خَسَفَ اللهُ به، فهو يَتَجَلْجَلُ في الأرض إلى يوم القيامة".

हदीस की व्याख्या: अभिमान तथा अहंकार का हराम होना और इसका बुरा अंत

श्रेणियाँ : सद्व्यवहार पर आधारित फ़िक़्ह · शरई आदाब · कुत्सित आचरण · परिधान के आदाब · फ़ज़ीलतें तथा आदाब

بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.5 / 29.5
रोशनी 97%
13 दिनों में अमावस्या
الحمد لله अल्लाह की सारी प्रशंसा है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद