इस्लाम > Hi > हदीस > फजलत तथ आदब > तेरी ज़बान हमेशा अल्लाह के ज़िक्र से तर रहे
स़ह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ بُسْرٍ رَضِيَ اللَّهِ عَنْهُ قَالَ: أَتَى النَّبِيَّ رَجُلٌ، فَقَالَ: يَا رَسُولَ اللَّهِ! إِنَّ شَرَائِعَ الإِسْلَامِ قَدْ كَثُرَتْ عَلَيْنَا، فَبَابٌ نَتَمَسَّكُ بِهِ جَامِعٌ؟ قَالَ: «لاَ يَزَالُ لِسَانُكَ رَطْبًا مِنْ ذِكْرِ اللَّهِ».
وفي رواية: مِنْ حَدِيثِ مُعَاذِ بْنِ جَبَلٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ: آخِرُ مَا فَارَقْتُ عَلَيْهِ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنْ قُلْتُ: أَيُّ الأَعْمَالِ خَيْرٌ وَأَقْرَبُ إِلَى اللَّهِ؟ قَالَ: «أَنْ تَمُوتَ وَلِسَانُكَ رَطْبٌ مِنْ ذِكْرِ اللَّهِ عَزَّ وَجَلَّ».
एक व्यक्ति ने अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के सामने शिकाय की कि उसके समाने नफ़ल इबादतें इतनी ज़्यादा मौजूद हैं कि अपनी दुर्बलता के कारण वह उन्हें कर नहीं सकता। फिर अनुरोध किया कि आप उसे कोई छोटा-सा अमल बता दें, जिससे बहुत सारे सवाब प्राप्त हो जाएँ और जिसे वह मज़बूती से पकड़े रहे।
अतः अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने उसे निर्देश दिया कि हमेशा उसकी ज़बान अल्लाह के ज़िक्र से तर रहे और हर समय तथा हर परिस्थिति में अल्लाह के ज़िक्र, जैसे सुबहानल्लाह, अल-हम्दु लिल्लाह, अस्तग़फ़िरुल्लाह और दुआ आदि में व्यस्त रहे।
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