फ़ज़ीलतें पर हदीसें

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«फ़ज़ीलतें» पर 169 समझाई गई नबवी हदीसें: अरबी पाठ, अनुवाद, व्याख्या और सीख, प्रामाणिकता की डिग्री और स्रोतों के साथ।

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

फ़ज़ीलतें पर हदीसों की सूची

ह़सन लि-ग़ैरिही (अन्य सनदों अथवा रिवायतों के साथ मिलकर हसन) आलिम को आबिद के मुक़ाबले में वही श्रेष्ठता प्राप्त है, जो मुझे तुम्हारे एक साधारण व्यक्ति के मुक़ाबले में प्राप्त है। सह़ीह़ जब यमन से कुछ लोग आए, तो अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमायाः यमन वाले तुम्हारे पास आए हैं सह़ीह़ अल्लाह ने अपने नबी को आवाज़ को सुरीली बनाने की जिस प्रकार अनुमति दी है किसी और वस्तु की नहीं दी सह़ीह़ जब कोई मुस्लिम प्रातः किसी बीमार मुस्लिम की इयादत (कुशल- मंगल लेना) करता है, तो सत्तर हज़ार फ़रिश्ते उस के लिए रहमत की प्रार्थना करते हैं सभी सनदों के आधार पर स़़ह़ीह़ जब दो मुसलमान आपस में मिलते हैं और मुसाफ़हा करते हैं, तो उनके अलग होने से पहले-पहले उनको क्षमा कर दिया जाता है। ह़सन जो ज्ञान प्राप्त करने के पथ पर चलता है, अल्लाह उसके लिए जन्नत का रास्ता आसान कर देता है ह़सन जो अल्लाह की किताब का कोई एक अक्षर पढ़ेगा, उसे एक नेकी मिलेगी और नेकी दस गुणा तक दी जाती है सह़ीह़ जो क़ुरआन को मधुर आवाज़ से न पढ़े, वह हम में से नहीं है दोनों रिवायतों को मिलाकर सह़ीह़ लोग सोने चाँदी के खदान की तरह खदान हैं। जो लोग जाहिलियत में बेहतर थे, वे इस्लाम में भी बेहतर हैं, यदि इस्लाम की समझ प्राप्त कर लें। सारे प्राण एकत्र स सह़ीह़ फ़रिश्ते अभी तक उनपर अपने परों से छाया किए हुए हैं। शवाहिद के आधार पर सह़ीह़ उनके पास वापस जाओ और उनसे अनुमति माँगो। यदि दोनों अनुमति दे दें, तो जिहाद में शामिल हो, वरना उनकी बात मानो तथा उनकी सेवा करो। सह़ीह़ जब बंदा मुझसे एक बित्ता क़रीब आता है, तो मैं उससे एक हाथ क़रीब आता, जब वह मुझसे एक हाथ क़रीब आता है, तो मैं उससे दोनों हाथों को फैलाकर जितनी दूरी बनती स़ह़ीह़ एक व्यक्ति रास्ते में जा रहा था कि उसने रास्ते में कांटेदार टहनी देखी, तो उसने उसे हटा दिया। अल्लाह ने उसके इस काम को पसंद किया और उसे माफ कर दिया। स़ह़ीह़ क्या तुम इस बात की गवाही नहीं देते कि अल्लाह के सिवा कोई सत्य पूज्य नहीं है और मुहम्मद अल्लाह के रसूल हैं? स़ह़ीह़ बंदों पर अल्लाह का अधिकार यह है कि बंदे उसकी इबादत करें और किसी को उसका साझी न बनाएँ। जबकि अल्लाह पर बंदों का अधिकार यह है कि अल्लाह किसी ऐसे व्यक्ति स़ह़ीह़ जो इस हाल में मरा कि किसी को अल्लाह का साझी नहीं बनाया, वह जन्नत में प्रवेश करेगा और जो इस हाल में मरा कि किसी को अल्लाह का साझी बनाता रहा, वह जहन्नम ह़सन अमल छह प्रकार के हैं और लोग चार प्रकार के हैं। रही बात छह आमाल की, तो उनमें से दो प्रकार के अमल वाजिब करने वाले हैं, दो प्रकार के अमल बराबर-बराबर हैं, स़ह़ीह़ क़यामत की निशानियों में से कुछ निशानियाँ यह हैं कि ज्ञान उठा लिया जाए, अज्ञान अधिक हो जाए, व्यभिचार अधिक हो जाए, मदिरा पीने का चलन अधिक हो जाए, पुरुष स़ह़ीह़ अल्लाह क़यामत के दिन मेरी उम्मत से एक व्यक्ति को चुनकर सारी सृष्टियों के सामने उपस्थित करेगा स़ह़ीह़ लि-ग़ैरिही (अन्य सनदों अथवा रिवायतों से मिलकर स़ह़ीह़) अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने किसी चीज़ का ज़िक्र किया और फ़रमाया : "यह उस समय होगा, जब ज्ञान चला जाएगा स़ह़ीह़ ज्ञान इसलिए न अर्जित करो कि उलेमा से बहस कर सको और अज्ञान लोगों से झगड़ सको स़ह़ीह़ अल्लाह ने एक उदाहरण दिया है। एक सीधा रास्ता है स़ह़ीह़ क्या तुममें से किसी को यह पसंद है कि जब वह अपने परिवार की ओर लौटे, तो वहाँ तीन बड़ी-बड़ी और मोटी-मोटी गाभिन ऊँटनियाँ पाए? ह़सन क़ुरआन पढ़ने वाले से कहा जाएगा कि पढ़ते जाओ और चढ़ते जाओ। साथ ही तुम उसी तरह ठहर-ठहर कर पढ़ो, जिस तरह दुनिया में ठहर-ठहर कर पढ़ा करते थे। तुम्हारे द्व स़ह़ीह़ खुले तौर पर क़ुरआन पढ़ने वाला खुले तौर पर सदक़ा करने वाले की तरह है। जबकि छुपाकर क़ुरआन पढ़ने वाला छुपाकर सदक़ा करने वाले की तरह है। स़ह़ीह़ तुम अल्लाह से डरते रहना और अपने शासकों के आदेश सुनना तथा मानना। चाहे शासक एक हबशी ग़ुलाम ही क्यों न हो। तुम मेरे बाद बहुत ज़्यादा मतभेद देखोगे। अतः तु ह़सन अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से दस आयतें पढ़ते और दूसरी दस आयतों को पढ़ना उस समय तक शुरू नहीं करते, जब तक उन दस आयतों के ज्ञान एवं अमल को सी स़ह़ीह़ अल्लाह की क़सम! ऐ अबुल मुंज़िर! तुमको यह ज्ञान मुबारक हो। स़ह़ीह़ आप ला इलाहा इल्लल्लाह कह दें, मैं क़यामत के दिन आपके लिए इसकी गवाही दूँगा स़ह़ीह़ जब मुअज़्ज़िन "اللهُ أَكْبَرُ اللهُ أَكْبَرُ" (अल्लाहु अकबर, अल्लाहु अकबर) कहता है और (उसके उत्तर में) तुममें से कोई "اللهُ أَكْبَرُ اللهُ أَكْبَرُ" ( स़ह़ीह़ जब तुम मुअज़्ज़िन को अज़ान देते हुए सुनो, तो उसी तरह के शब्द कहो, जो मुअज़्ज़िन कहता है। फिर मुझपर दरूद भेजो स़ह़ीह़ उच्च एवं महान अल्लाह ने कहा है : मैंने नमाज़ को अपने तथा अपने बंदे के बीच आधा-आधा बाँट दिया है, तथा मेरे बंदे के लिए वह सब कुछ है, जो वह माँगे स़ह़ीह़ यह एक शैतान है, जिसे ख़िंज़िब कहा जाता है। जब तुम्हें उसके व्यवधान डालने का आभास हो, तो उससे अल्लाह की शरण माँगो और तीन बार अपने बाएँ ओर थुत्कारो स़ह़ीह़ अल्लाह ग्रहण उसी कार्य को करता है, जो विशुद्ध रूप से उसी के लिए उसी की प्रसन्नता की प्राप्ति के लिए किया गया हो। स़ह़ीह़ जो अल्लाह से इस अवस्था में मिलेगा कि किसी को उसका साझी न बनाया होगा, उसे कोई पाप हानि नहीं पहुँचाएगा, और जो उससे इस अवस्था में मिलेगा कि किसी को उसका स़ह़ीह़ अल्लाह सोता नहीं है तथा सोना उसकी महानता के अनुरूप भी नहीं है स़ह़ीह़ मैं तुम सब से ज़्यादा परहेज़गार और अल्लाह को जानने वाला हूँ। स़ह़ीह़ ''जब कोई व्यक्ति मर जाता है, तो उसके कर्मों का सिलसिला रुक जाता है, सिवाय तीन चीज़ों के : स़दक़ा जारिया (अनवरत चलने वाला दान), ऐसी विद्या छोड़कर जाना स़ह़ीह़ निस्संदेह, हलाल स्पष्ट है और हराम भी स्पष्ट है स़ह़ीह़ अगर तुम अल्लाह पर वैसा ही भरोसा करने लगो, जैसा भरोसा होना चाहिए, तो वह तुम्हें उसी तरह रोज़ी दे, जैसे चिड़ियों को रोज़ी देता है; वह सुबह को खाली पेट न स़ह़ीह़ तेरी ज़बान हमेशा अल्लाह के ज़िक्र से तर रहे स़ह़ीह़ अल्लाह उस व्यक्ति को ख़ुश व आबाद रखे, जिसने मुझसे कोई बात सुनी और उसे उसी प्रकार दूसरों तक पहुँचा दिया, जिस प्रकार मुझसे सुनी थी। क्योंकि बहुत बार सुन सह़ीह़ ज़िक्र की मज़लिसों की फ़ज़ीलत से संबंधित हदीसें सह़ीह़ अल्लाह कहता है : जब मेरा बंदा किसी गुनाह का इरादा करे, तो उसे न लिखो, यहाँ तक कि उसे कर डाले। यदि वह उस गुनाह को कर डालता है, तो बस उतना ही लिखो जितना सह़ीह़ जिसने पहले ही वार में किसी छिपकली को मारा, उसके लिए सौ नेकी लिख दी जाएगी और दूसरे वार में मारने पर उस से कम और तीसरे वार में मारने पर उससे भी कम सह़ीह़ तुममें से जिस महिला की तीन संतानें मर जाएँ, वह उसके लिए जहन्नम से आड़ बन जाती हैं सह़ीह़ जिस मुस्लिम के तीन बच्चे मर जाएँ, उसे जहन्नम की आग केवल क़सम पूरी करने भर छूएगी सह़ीह़ इसकी तुमने प्रशंसा की, तो इसके लिए जन्नत अनिवार्य हो गई और इसकी तुमने बुराई की, तो इसके लिए जहन्नम वाजिब हो गई, तुम लोग वास्तव में धरती पर अल्लाह के ग सह़ीह़ आपका क्या ख़्याल है उस आदमी के प्रति जो नेक कर्म करता है और लोग उसकी उस पर प्रशंसा करते हैं? आपने फ़रमाया: यह मोमिन के लिए जल्द मिलने वाली शुभ सूचना ह
بسم الله الرحمن الرحيم बुध 16 जुमादा अल-अव्वल
الأربعاء 16 جمادى الأولى
أحدب متناقص घटता हुआ कूबड़ दिन 17.1 / 29.5
रोशनी 94%
12 दिनों में अमावस्या
لا إله إلا الله अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद