आज के बाद मेरे भाई पर रोया न करो

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे नसाई ने रिवायत किया है। - इसे अबू दाऊद ने रिवायत किया है। - इसे अह़मद ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: आज के बाद मेरे भाई पर रोया न करो

عن عبد الله بن جعفر رضي الله عنهما : أن النبي صلى الله عليه وسلم أمهل آل جعفر ثلاثا، ثم أتاهم، فقال: «لا تبكوا على أخي بعد اليوم» ثم قال: «ادعوا لي بني أخي» فجيء بنا كأننا أفْرُخٌ فقال: «ادعوا لي الحلاق» فأمره، فحلق رؤوسنا».

हदीस की व्याख्या: आज के बाद मेरे भाई पर रोया न करो

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بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.5 / 29.5
रोशनी 97%
13 दिनों में अमावस्या
الحمد لله अल्लाह की सारी प्रशंसा है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद