अगर मैं किसी को शरई हद लगाऊँ और वह मर जाए, तो मुझे कोई अफ़सोस न होगा। लेकिन अगर शराबी को ह…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: अगर मैं किसी को शरई हद लगाऊँ और वह मर जाए, तो मुझे कोई…

عن علي بن أبي طالب رضي الله عنه قال: «ما كنتُ لأقيمَ حَدّاً على أحد فيموت، فأجدَ في نَفسِي، إلا صاحب الخمر، فإنه لو مات وَدَيْتُهُ، وذلك أن رسول الله صلى الله عليه وسلم لم يَسُنَّهُ».

हदीस की व्याख्या: अगर मैं किसी को शरई हद लगाऊँ और वह मर जाए, तो मुझे कोई…

श्रेणियाँ : हुदूद (शरई दंड) · मद्यपान की हद (दंड) · फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह

بسم الله الرحمن الرحيم बुध 16 जुमादा अल-अव्वल
الأربعاء 16 جمادى الأولى
أحدب متناقص घटता हुआ कूबड़ दिन 16.6 / 29.5
रोशनी 96%
13 दिनों में अमावस्या
سبحان الله अल्लाह की पवित्रता है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद