जिसने मेरे साथ अब तक ऐतिकाफ़ किया , वह अंतिम दस दिनों का भी ऐतिकाफ़ करे, क्योंकि मुझे यह र…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: जिसने मेरे साथ अब तक ऐतिकाफ़ किया , वह अंतिम दस दिनों क…

عن أبي سعيد الخُدْري رضي الله عنه : «أن رسول الله صلى الله عليه وسلم كان يَعْتَكِفُ في العَشْرِ الأَوْسَطِ من رمضان. فاعتكف عامًا، حتى إذا كانت لَيْلَةَ إِحْدَى وَعِشْرِينَ -وهي اللَّيْلَةُ التي يخرج من صَبِيحَتِهَا من اعتكافه- قال: من اعتكف معي فَلْيَعْتَكِفِ العَشْرَ الأَوَاخِرَ فقد أُرِيتُ هَذِهِ اللَّيْلَةَ ثم أُنْسِيتُهَا، وقد رَأَيْتُنِي أَسْجُدُ فِي مَاءٍ وَطِينٍ من صَبِيحَتِهَا، فَالْتَمِسُوهَا فِي العَشْرِ الأَوَاخِرِ، والتمسوها في كل وِتْرٍ. فَمَطَرَتِ السَّمَاءُ تلك الليلة، وكان المسجد على عَرِيشٍ، فَوَكَفَ المسجد، فَأبْصَرَتْ عَيْنَايَ رسول الله صلى الله عليه وسلم وعلى جَبْهَتِهِ أَثَرُ المَاءِ وَالطِّين من صُبْحِ إحْدَى وَعشْرِيْنَ».

हदीस की व्याख्या: जिसने मेरे साथ अब तक ऐतिकाफ़ किया , वह अंतिम दस दिनों क…

अबू सईद खुदरी (रज़ियल्लाहु अन्हु) से वर्णित है, वह कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) क़द्र की रात की तलाश में रमज़ान के बीच के दस दिनों में ऐतिकाफ़ करते थे। एक साल अपनी आदत के मुताबिक़ ऐतिकाफ़ में थे कि जब इक्कीसवें रमज़ान की रात आई, जिसकी सुबह आप ऐतिकाफ़ से निकल जाया करते थे, तो आपको मालूम हुआ कि क़द्र की रात अंति दस दिनों में है। अतः, अपने साथियों से कहा : जिसने मेरे साथ बीच के दस दिनों में ऐतिकाफ़ किया है, वह अपना ऐतिकाफ़ जारी रखे और अंतिम दस दिनों में भी ऐतिकाफ़ करे।

साथ ही बताया कि सर्वशक्तिमान एवं महान अल्लाह ने आपको वह रात सपने में दिखा दी थी, लेकिन फिर उसे स्मृति से ग़ायब कर दिया। परन्तु, आपने सपने में उसकी कुछ निशानियाँ देखी थीं, जिनमें से एक यह है कि आप फ़ज्र की नमाज़ में पानी तथा कीचड़ पर सजदा कर रहे हैं।

चुनांचे अल्लाह ने नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के इस सपने को सच कर दिखाया। इक्कीसवें रमज़ान की रात को बारिश हुई। आपकी मस्जिद चूँकि झोंपड़े की तरह थी। उसके खंबे खजूर के तनों के थे और छत उसकी शाखाओं की। इसलिए बारिश होने पर मस्जिद टपकने लगी और आपने इक्कीसवें रमज़ान की सुबह को पानी और कीचड़ पर सजदा किया।

श्रेणियाँ : इबादतों पर आधारित फ़िक़्ह · रोज़े · फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह · ऐतिकाफ़ · रमज़ान के अंतिम दस दिन

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إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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