जब तुम वस्त्र धारण करो अथवा वज़ू करो तो दाहिने ओर से प्रारंभ करो

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे इब्ने माजा ने रिवायत किया है । - इसे तिर्मिज़ी ने रिवायत किया है। - इसे अबू दाऊद ने रिवायत किया है। - इसे अह़मद ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: जब तुम वस्त्र धारण करो अथवा वज़ू करो तो दाहिने ओर से प्…

عن أبي هريرة رضي الله عنه مرفوعًا: «إِذَا لَبِسْتُم، وَإِذَا تَوَضَّأتُم، فَابْدَأُوا بَأَيَامِنُكُم».

हदीस की व्याख्या: जब तुम वस्त्र धारण करो अथवा वज़ू करो तो दाहिने ओर से प्…

अबू हुरैरा -रज़ियल्लाहु अनहु- की यह हदीस सभी अच्छे कार्यों को दाएँ हाथ से करने पर ज़ोर देती है। उनका वर्णन है कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया :

"जब तुम वस्त्रधारण करो" यानी जब कपड़ा पहनने का इरादा करो।

"तथा जब तुम वज़ू करो" यानी जब वज़ू करने का इरादा करो।

"तो दाहिने ओर से प्रारंभ करो।" इस हदीस में आया हुआ शब्द 'أيامن' बहुवचन है 'أيمن' का। यह बाएँ के विपरीत को कहते हैं। इस हदीस का आशय यह है कि कुर्ता आदि पहनते समय दाएँ हाथ को पहले घुसाया जाएगा और वज़ू करते समय दाएँ हाथ एवं पाँव को बाएँ हाथ एवं पाँव से पहले धोया जाएगा। याद रहे कि वज़ू के कुछ अंग ऐसे भी हैं, जिनमें दाएँ-बाएँ का ख़याल रखना मुसतहब नहीं है। वह हैं, दोनों कान, दोनों हथेलियाँ और दोनों गाल। इन्हें एक साथ पाक किया जाएगा। यदि ऐसा संभव न हो, मसलन किसी का एक हाथ कटा हुआ हो, तो वह दाएँ अंग से आरंभ करेगा।

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بسم الله الرحمن الرحيم बुध 16 जुमादा अल-अव्वल
الأربعاء 16 جمادى الأولى
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13 दिनों में अमावस्या
لا حول ولا قوة إلا بالله अल्लाह के बिना कोई शक्ति और सामर्थ्य नहीं

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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