हमने अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से कठिनाई और आसानी में, चुस्ती और सुस्ती में …

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है

स़ह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: हमने अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से कठिनाई…

عن عُبَادَةَ بن الصَّامتِ رضي الله عنه قال: بَايَعْنَا رسولَ اللهِ صلى الله عليه وسلم على السَّمْعِ وَالطَّاعَةِ فِي الْعُسْرِ وَالْيُسْرِ، وَالْمَنْشَطِ وَالْمَكْرَهِ، وعلى أَثَرَةٍ علينا، وعلى أَلَّا نُنَازِعَ الْأَمْرَ أهلَه، وعلى أَنْ نَقُولَ بِالْحَقِّ أينما كُنَّا، لا نَخَافُ في الله لَوْمَةَ لَائِمٍ.

हदीस की व्याख्या: हमने अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से कठिनाई…

इस हदीस में अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने अपने साथियों से इस बात की प्रतिज्ञा ली कि वे आसान तथा कठिन हालत और धनवान् तथा निर्धन होने की अवस्था में, शासकों के आदेश उनको पसंद हों या न हों, यहाँ तक कि शासक सार्वजनिक धन एवं पदों आदि के मामले में उनपर किसी और को तरजीह ही क्यों न देते हों, उनकी बात मानकर चलेंगे और उनके विरुद्ध बग़ावत नहीं करेंगे। क्योंकि उनसे लड़ने के नेतीजे में जो फ़ितना व फ़साद मचेगा, वह उनके अत्याचार के नतीजे में होने वाले फ़ितना व फ़साद से अधिक बड़ा है। आपने उनसे इस बात की भी प्रतिज्ञा ली कि जहाँ भी रहेंगे अल्लाह के लिए सत्य ही कहेंगे और किसी की निंदा की परवाह नहीं करेंगे।

सीख: हमने अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से कठिनाई…

श्रेणियाँ : शरई राजनीति · इमाम (शासनाध्यक्ष) के विरुद्ध विद्रोह · आह्वान एवं भलाई का आदेश देने तथा बुराई से रोकने का प्रबंध करना

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الله أكبر अल्लाह सबसे महान है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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