इस्लाम > Hi > हदीस > आहवन एव भलई क आदश दन तथ बरई स रकन क परबध करन > जिस बंदे को अल्लाह जनता की रखवाली का काम सोंपे और वह जिस दिन मरे तो उन्हें धोखा देते हुए म…
स़ह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعن مَعقِلِ بن يَسار المُزَنِيّ رضي الله عنه قال: إني سمعت رسول الله صلى الله عليه وسلم يقول: «مَا مِنْ عَبْدٍ يَسْتَرْعِيهِ اللهُ رَعِيَّةً، يَمُوتُ يَوْمَ يَمُوتُ وَهُوَ غَاشٌّ لِرَعِيَّتِهِ، إِلَّا حَرَّمَ اللهُ عَلَيْهِ الْجَنَّةَ».
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम बता रहे हैं कि हर व्यक्ति को अल्लाह ने लोगों का संरक्षक बनाया है। संरक्षण चाहे आम हो, जैसे शासक का संरक्षण या खास, जैसे घर में एक पुरुष का संरक्षण या घर में एक स्त्री का संरक्षण। ऐसे में जिसने अपने अधीन लोगों के हक़ में कोताही की, धोखा किया और उनके सांसारिक एवं धार्मिक अधिकारों को नष्ट कर दिया, वह इस सख़्त दंड का हक़दार बन गया।
श्रेणियाँ : शरई राजनीति · आह्वान एवं भलाई का आदेश देने तथा बुराई से रोकने का प्रबंध करना