इस्लाम > Hi > हदीस > आहवन एव भलई क आदश दन तथ बरई स रकन क परबध करन > तुममें से जिसे मैं किसी प्रशासनिक काम की ज़िम्मेवारी दूँ, फिर उसने हमसे एक सूई या उससे भी …
सह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعن عدي بن عميرة الكندي رضي الله عنه مرفوعاً: «من اسْتَعْمَلْنَاهُ منكم على عمل، فكَتَمَنَا مِخْيَطًا فما فوقه، كان غُلُولا يأتي به يوم القيامة». فقام إليه رجلٌ أسودُ من الأنصار، كأني أنظر إليه، فقال: يا رسول الله، اقبل عني عَمَلَكَ، قال: «وما لك؟» قال: سمعتك تقول كذا وكذا، قال: «وأنا أقوله الآن: من اسْتَعْمَلْنَاهُ على عمل فلْيَجِيْء بقليله وكثيره، فما أُوتِيَ منه أَخَذَ، وما نهي عنه انْتَهَى».
जिसे हम ज़कात अथवा ग़नीमत का धन अदा करने या इस प्रकार की कोई ज़िम्मेवारी दें और वह एक सूई या उससे भी कोई छोटी चीज़ छुपा ले, तो यह अमानत में ख़यानत है, और वह क़यामत के दिन उसे लेकर उपस्थित होगा। यह सुन एक अंसारी व्यक्ति खड़ा हुआ और आपसे आपकी ओर से सोंपी हुई ज़िम्मेवारी से खुद को अलग कर लेने की अनुमति माँगी, तो आपने उससे पूछा कि तुम ऐसा क्यों करना चाहते हो? जब उसने कहा कि इसका कारण वह चेतावनी है, जो मैंने आपको देते हुए सुना है, तो आपने फ़रमाया : मैं अब भी वही कहता हूँ; हम जिसे कोई ज़िम्मेवारी दें, वह थोड़ा हो कि ज़्यादा, सब कुछ लाकर सामने रख दे। फिर पारिश्रमिक के तौर पर उसे जितना दिया जाए, उसे ले ले और जिसे लेने से मना किया जाए और जिसका वह अधिकार न रखता हो, उसे न ले।
श्रेणियाँ : शरई राजनीति · जनता पर इमाम (शासनाध्यक्ष) का अधिकार · आह्वान एवं भलाई का आदेश देने तथा बुराई से रोकने का प्रबंध करना