रुकू 501 सूरह Al-Haqqa (आयत 38 से 52) से है। इसमें 15 आयतें हैं और यह जुज़ 29 में है।
10 जुलाई 2026 को 03h52 बजे अपडेट किया गया
coran.read_full_page : क़ुरआन का रुकू 501 पढ़ें →
فَلَآ أُقْسِمُ بِمَا تُبْصِرُونَ ﴿٣٨﴾
जो तुम्हें दिखाई देती हैं
وَمَا لَا تُبْصِرُونَ ﴿٣٩﴾
और जो तुम्हें नहीं सुझाई देती कि बेशक ये (क़ुरान)
إِنَّهُۥ لَقَوْلُ رَسُولٍۢ كَرِيمٍۢ ﴿٤٠﴾
एक मोअज़िज़ फरिश्ते का लाया हुआ पैग़ाम है
وَمَا هُوَ بِقَوْلِ شَاعِرٍۢ ۚ قَلِيلًۭا مَّا تُؤْمِنُونَ ﴿٤١﴾
और ये किसी शायर की तुक बन्दी नहीं तुम लोग तो बहुत कम ईमान लाते हो
وَلَا بِقَوْلِ كَاهِنٍۢ ۚ قَلِيلًۭا مَّا تَذَكَّرُونَ ﴿٤٢﴾
और न किसी काहिन की (ख्याली) बात है तुम लोग तो बहुत कम ग़ौर करते हो
تَنزِيلٌۭ مِّن رَّبِّ ٱلْعَـٰلَمِينَ ﴿٤٣﴾
सारे जहाँन के परवरदिगार का नाज़िल किया हुआ (क़लाम) है
وَلَوْ تَقَوَّلَ عَلَيْنَا بَعْضَ ٱلْأَقَاوِيلِ ﴿٤٤﴾
अगर रसूल हमारी निस्बत कोई झूठ बात बना लाते
لَأَخَذْنَا مِنْهُ بِٱلْيَمِينِ ﴿٤٥﴾
तो हम उनका दाहिना हाथ पकड़ लेते
ثُمَّ لَقَطَعْنَا مِنْهُ ٱلْوَتِينَ ﴿٤٦﴾
फिर हम ज़रूर उनकी गर्दन उड़ा देते
فَمَا مِنكُم مِّنْ أَحَدٍ عَنْهُ حَـٰجِزِينَ ﴿٤٧﴾
तो तुममें से कोई उनसे (मुझे रोक न सकता)
وَإِنَّهُۥ لَتَذْكِرَةٌۭ لِّلْمُتَّقِينَ ﴿٤٨﴾
ये तो परहेज़गारों के लिए नसीहत है
وَإِنَّا لَنَعْلَمُ أَنَّ مِنكُم مُّكَذِّبِينَ ﴿٤٩﴾
और हम ख़ूब जानते हैं कि तुम में से कुछ लोग (इसके) झुठलाने वाले हैं
وَإِنَّهُۥ لَحَسْرَةٌ عَلَى ٱلْكَـٰفِرِينَ ﴿٥٠﴾
और इसमें शक़ नहीं कि ये काफ़िरों की हसरत का बाएस है
وَإِنَّهُۥ لَحَقُّ ٱلْيَقِينِ ﴿٥١﴾
और इसमें शक़ नहीं कि ये यक़ीनन बरहक़ है
فَسَبِّحْ بِٱسْمِ رَبِّكَ ٱلْعَظِيمِ ﴿٥٢﴾
तो तुम अपने परवरदिगार की तसबीह करो