الكافرون · जुज़ 30
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सूरह Al-Kafirun पढ़ें

सूरह Al-Kafirun (الكافرون) क़ुरआन की एक मक्की सूरह है जिसमें 6 आयतें हैं। हमारे इंटरैक्टिव उपकरणों से इस सूरह को पढ़ें, सुनें और हिफ़्ज़ करें।

10 जुलाई 2026 को 03h52 बजे अपडेट किया गया

📖 1 मिनट पढ़ने का समय

सूरह Al-Kafirun अंकों में

कालानुक्रमिक अवतरण क्रम
अवतरण क्रमांक 109 / 114
(मक्की)
26
शब्द
-96.4% औसत से
101
अक्षर
-96.7% औसत से
1
पढ़ने का मिनट
6
आयतें
-89.0% औसत से

मुख्य शब्दों की आवृत्ति في سورة Al-Kafirun

الله 0
رب 0

सबसे अधिक आवृत्त अक्षर في سورة Al-Kafirun

ا
11
#1
د
10
#2
ن
9
#3
م
9
#4
ل
8
#5
सूरह Al-Kaafiroon पढ़ें
سورة الكافرون
जुज़ 30 94.9% (535/564)
हिज़्ब 60 89.9% (259/288)

قُلْ يَـٰٓأَيُّهَا ٱلْكَـٰفِرُونَ ﴿١﴾

(ऐ रसूल) तुम कह दो कि ऐ काफिरों

لَآ أَعْبُدُ مَا تَعْبُدُونَ ﴿٢﴾

तुम जिन चीज़ों को पूजते हो, मैं उनको नहीं पूजता

وَلَآ أَنتُمْ عَـٰبِدُونَ مَآ أَعْبُدُ ﴿٣﴾

और जिस (ख़ुदा) की मैं इबादत करता हूँ उसकी तुम इबादत नहीं करते

وَلَآ أَنَا۠ عَابِدٌۭ مَّا عَبَدتُّمْ ﴿٤﴾

और जिन्हें तुम पूजते हो मैं उनका पूजने वाला नहीं

وَلَآ أَنتُمْ عَـٰبِدُونَ مَآ أَعْبُدُ ﴿٥﴾

और जिसकी मैं इबादत करता हूँ उसकी तुम इबादत करने वाले नहीं

لَكُمْ دِينُكُمْ وَلِىَ دِينِ ﴿٦﴾

तुम्हारे लिए तुम्हारा दीन मेरे लिए मेरा दीन

بسم الله الرحمن الرحيم शुक्र 1 सफर
الجمعة 1 صفر
هلال متزايد बढ़ता हुआ अर्धचंद्र दिन 2.7 / 29.5
रोशनी 8%
12 दिनों में पूर्णिमा
حسبنا الله ونعم الوكيل अल्लाह हमारे लिए काफी है, कितना अच्छा रक्षक है