रुकू 322 सूरह Ash-Shuara (आयत 123 से 140) से है। इसमें 18 आयतें हैं और यह जुज़ 19 में है।
05 अगस्त 2026 को 16h34 बजे अपडेट किया गया
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كَذَّبَتْ عَادٌ ٱلْمُرْسَلِينَ ﴿١٢٣﴾
(इसी तरह क़ौम) आद ने पैग़म्बरों को झुठलाया
إِذْ قَالَ لَهُمْ أَخُوهُمْ هُودٌ أَلَا تَتَّقُونَ ﴿١٢٤﴾
जब उनके भाई हूद ने उनसे कहा कि तुम ख़ुदा से क्यों नही डरते
إِنِّى لَكُمْ رَسُولٌ أَمِينٌۭ ﴿١٢٥﴾
मैं तो यक़ीनन तुम्हारा अमानतदार पैग़म्बर हूँ
فَٱتَّقُوا۟ ٱللَّهَ وَأَطِيعُونِ ﴿١٢٦﴾
तो ख़ुदा से डरो और मेरी इताअत करो
وَمَآ أَسْـَٔلُكُمْ عَلَيْهِ مِنْ أَجْرٍ ۖ إِنْ أَجْرِىَ إِلَّا عَلَىٰ رَبِّ ٱلْعَـٰلَمِينَ ﴿١٢٧﴾
मै तो तुम से इस (तबलीग़े रिसालत) पर कुछ मज़दूरी भी नहीं माँगता मेरी उजरत तो बस सारी ख़ुदायी के पालने वाले (ख़ुदा) पर है
أَتَبْنُونَ بِكُلِّ رِيعٍ ءَايَةًۭ تَعْبَثُونَ ﴿١٢٨﴾
तो क्या तुम ऊँची जगह पर बेकार यादगारे बनाते फिरते हो
وَتَتَّخِذُونَ مَصَانِعَ لَعَلَّكُمْ تَخْلُدُونَ ﴿١٢٩﴾
और बड़े बड़े महल तामीर करते हो गोया तुम हमेशा (यहीं) रहोगे
وَإِذَا بَطَشْتُم بَطَشْتُمْ جَبَّارِينَ ﴿١٣٠﴾
और जब तुम (किसी पर) हाथ डालते हो तो सरकशी से हाथ डालते हो
فَٱتَّقُوا۟ ٱللَّهَ وَأَطِيعُونِ ﴿١٣١﴾
तो तुम ख़ुदा से डरो और मेरी इताअत करो
وَٱتَّقُوا۟ ٱلَّذِىٓ أَمَدَّكُم بِمَا تَعْلَمُونَ ﴿١٣٢﴾
और उस शख्स से डरो जिसने तुम्हारी उन चीज़ों से मदद की जिन्हें तुम खूब जानते हो
أَمَدَّكُم بِأَنْعَـٰمٍۢ وَبَنِينَ ﴿١٣٣﴾
अच्छा सुनो उसने तुम्हारे चार पायों और लड़के बालों वग़ैरह और चश्मों से मदद की
وَجَنَّـٰتٍۢ وَعُيُونٍ ﴿١٣٤﴾
मै तो यक़ीनन तुम पर
إِنِّىٓ أَخَافُ عَلَيْكُمْ عَذَابَ يَوْمٍ عَظِيمٍۢ ﴿١٣٥﴾
एक बड़े (सख्त) रोज़ के अज़ाब से डरता हूँ
قَالُوا۟ سَوَآءٌ عَلَيْنَآ أَوَعَظْتَ أَمْ لَمْ تَكُن مِّنَ ٱلْوَٰعِظِينَ ﴿١٣٦﴾
वह लोग कहने लगे ख्वाह तुम नसीहत करो या न नसीहत करो हमारे वास्ते (सब) बराबर है
إِنْ هَـٰذَآ إِلَّا خُلُقُ ٱلْأَوَّلِينَ ﴿١٣٧﴾
ये (डरावा) तो बस अगले लोगों की आदत है
وَمَا نَحْنُ بِمُعَذَّبِينَ ﴿١٣٨﴾
हालाँकि हम पर अज़ाब (वग़ैरह अब) किया नहीं जाएगा
فَكَذَّبُوهُ فَأَهْلَكْنَـٰهُمْ ۗ إِنَّ فِى ذَٰلِكَ لَـَٔايَةًۭ ۖ وَمَا كَانَ أَكْثَرُهُم مُّؤْمِنِينَ ﴿١٣٩﴾
ग़रज़ उन लोगों ने हूद को झुठला दिया तो हमने भी उनको हलाक कर डाला बेशक इस वाक़िये में यक़ीनी एक बड़ी इबरत है आर उनमें से बहुतेरे ईमान लाने वाले भी न थे
وَإِنَّ رَبَّكَ لَهُوَ ٱلْعَزِيزُ ٱلرَّحِيمُ ﴿١٤٠﴾
और इसमें शक नहीं कि तुम्हारा परवरदिगार यक़ीनन (सब पर) ग़ालिब (और) बड़ा मेहरबान है