क़ुरआन का रुकू 536 पढ़ें

रुकू 536 सूरह Ash-Sharh (आयत 1 से 8) से है। इसमें 8 आयतें हैं और यह जुज़ 30 में है।

05 अगस्त 2026 को 16h34 बजे अपडेट किया गया

क़ुरआन में रुकू 536

8
आयतें
1
सूरह
30
जुज़
v.1 – v.8
आयतें

रुकू 536 में सूरह

الشرح · जुज़ 30
नेविगेशन
बुकमार्क
ऑडियो
हिफ़्ज़
प्रदर्शन
पृष्ठ 596
◄ रुकू 536 ►
سورة الشرح
जुज़ 30 74.1% (418/564)
हिज़्ब 60 49.3% (142/288)

أَلَمْ نَشْرَحْ لَكَ صَدْرَكَ ﴿1﴾

(ऐ रसूल) क्या हमने तुम्हारा सीना इल्म से कुशादा नहीं कर दिया (जरूर किया)

وَوَضَعْنَا عَنكَ وِزْرَكَ ﴿2﴾

और तुम पर से वह बोझ उतार दिया

ٱلَّذِىٓ أَنقَضَ ظَهْرَكَ ﴿3﴾

जिसने तुम्हारी कमर तोड़ रखी थी

وَرَفَعْنَا لَكَ ذِكْرَكَ ﴿4﴾

और तुम्हारा ज़िक्र भी बुलन्द कर दिया

فَإِنَّ مَعَ ٱلْعُسْرِ يُسْرًا ﴿5﴾

तो (हाँ) पस बेशक दुशवारी के साथ ही आसानी है

إِنَّ مَعَ ٱلْعُسْرِ يُسْرًۭا ﴿6﴾

यक़ीनन दुश्वारी के साथ आसानी है

فَإِذَا فَرَغْتَ فَٱنصَبْ ﴿7﴾

तो जब तुम फारिग़ हो जाओ तो मुक़र्रर कर दो

وَإِلَىٰ رَبِّكَ فَٱرْغَب ﴿8﴾

और फिर अपने परवरदिगार की तरफ रग़बत करो

بسم الله الرحمن الرحيم सोम 7 जुमादा अल-अव्वल
الاثنين 7 جمادى الأولى
التربيع الأول पहली तिमाही दिन 7.9 / 29.5
रोशनी 56%
7 दिनों में पूर्णिमा
حسبنا الله ونعم الوكيل अल्लाह हमारे लिए काफी है, कितना अच्छा रक्षक है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद