क़ुरआन का रुकू 537 पढ़ें

रुकू 537 सूरह At-Tin (आयत 1 से 8) से है। इसमें 8 आयतें हैं और यह जुज़ 30 में है।

05 अगस्त 2026 को 16h34 बजे अपडेट किया गया

क़ुरआन में रुकू 537

8
आयतें
1
सूरह
30
जुज़
v.1 – v.8
आयतें

रुकू 537 में सूरह

التين · जुज़ 30
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سورة التين
जुज़ 30 75.5% (426/564)
हिज़्ब 60 52.1% (150/288)

وَٱلتِّينِ وَٱلزَّيْتُونِ ﴿1﴾

इन्जीर और ज़ैतून की क़सम

وَطُورِ سِينِينَ ﴿2﴾

और तूर सीनीन की

وَهَـٰذَا ٱلْبَلَدِ ٱلْأَمِينِ ﴿3﴾

और उस अमन वाले शहर (मक्का) की

لَقَدْ خَلَقْنَا ٱلْإِنسَـٰنَ فِىٓ أَحْسَنِ تَقْوِيمٍۢ ﴿4﴾

कि हमने इन्सान बहुत अच्छे कैड़े का पैदा किया

ثُمَّ رَدَدْنَـٰهُ أَسْفَلَ سَـٰفِلِينَ ﴿5﴾

फिर हमने उसे (बूढ़ा करके रफ्ता रफ्ता) पस्त से पस्त हालत की तरफ फेर दिया

إِلَّا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ وَعَمِلُوا۟ ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ فَلَهُمْ أَجْرٌ غَيْرُ مَمْنُونٍۢ ﴿6﴾

मगर जो लोग ईमान लाए और अच्छे (अच्छे) काम करते रहे उनके लिए तो बे इन्तेहा अज्र व सवाब है

فَمَا يُكَذِّبُكَ بَعْدُ بِٱلدِّينِ ﴿7﴾

तो (ऐ रसूल) इन दलीलों के बाद तुमको (रोज़े) जज़ा के बारे में कौन झुठला सकता है

أَلَيْسَ ٱللَّهُ بِأَحْكَمِ ٱلْحَـٰكِمِينَ ﴿8﴾

क्या ख़ुदा सबसे बड़ा हाकिम नहीं है (हाँ ज़रूर है)

بسم الله الرحمن الرحيم सोम 7 जुमादा अल-अव्वल
الاثنين 7 جمادى الأولى
التربيع الأول पहली तिमाही दिन 7.9 / 29.5
रोशनी 55%
7 दिनों में पूर्णिमा
سبحان الله अल्लाह की पवित्रता है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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