सूरह At-Tin पढ़ें

सूरह At-Tin (التين) क़ुरआन की एक मक्की सूरह है जिसमें 8 आयतें हैं। हमारे इंटरैक्टिव उपकरणों से इस सूरह को पढ़ें, सुनें और हिफ़्ज़ करें।

05 अगस्त 2026 को 16h34 बजे अपडेट किया गया

📖 1 मिनट पढ़ने का समय

सूरह At-Tin अंकों में

कालानुक्रमिक अवतरण क्रम
अवतरण क्रमांक 28 / 114
(मक्की)
34
शब्द
-95.3% औसत से
168
अक्षर
-94.5% औसत से
1
पढ़ने का मिनट
8
आयतें
-85.4% औसत से

मुख्य शब्दों की आवृत्ति

الله 1
رب 0

सबसे अधिक आवृत्त अक्षर

ل
21
#1
ن
17
#2
ي
13
#3
و
11
#4
م
11
#5
التين · जुज़ 30
सूरह At-Tin पढ़ें
سورة التين
जुज़ 30 75.5% (426/564)
हिज़्ब 60 52.1% (150/288)

وَٱلتِّينِ وَٱلزَّيْتُونِ ﴿١﴾

इन्जीर और ज़ैतून की क़सम

وَطُورِ سِينِينَ ﴿٢﴾

और तूर सीनीन की

وَهَـٰذَا ٱلْبَلَدِ ٱلْأَمِينِ ﴿٣﴾

और उस अमन वाले शहर (मक्का) की

لَقَدْ خَلَقْنَا ٱلْإِنسَـٰنَ فِىٓ أَحْسَنِ تَقْوِيمٍۢ ﴿٤﴾

कि हमने इन्सान बहुत अच्छे कैड़े का पैदा किया

ثُمَّ رَدَدْنَـٰهُ أَسْفَلَ سَـٰفِلِينَ ﴿٥﴾

फिर हमने उसे (बूढ़ा करके रफ्ता रफ्ता) पस्त से पस्त हालत की तरफ फेर दिया

إِلَّا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ وَعَمِلُوا۟ ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ فَلَهُمْ أَجْرٌ غَيْرُ مَمْنُونٍۢ ﴿٦﴾

मगर जो लोग ईमान लाए और अच्छे (अच्छे) काम करते रहे उनके लिए तो बे इन्तेहा अज्र व सवाब है

فَمَا يُكَذِّبُكَ بَعْدُ بِٱلدِّينِ ﴿٧﴾

तो (ऐ रसूल) इन दलीलों के बाद तुमको (रोज़े) जज़ा के बारे में कौन झुठला सकता है

أَلَيْسَ ٱللَّهُ بِأَحْكَمِ ٱلْحَـٰكِمِينَ ﴿٨﴾

क्या ख़ुदा सबसे बड़ा हाकिम नहीं है (हाँ ज़रूर है)

بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 18 रबी अल-अव्वल
الثلاثاء 18 ربيع الأول
أحدب متناقص घटता हुआ कूबड़ दिन 18.9 / 29.5
रोशनी 82%
11 दिनों में अमावस्या
حسبنا الله ونعم الوكيل अल्लाह हमारे लिए काफी है, कितना अच्छा रक्षक है