क़ुरआन का रुकू 552 पढ़ें

रुकू 552 सूरह An-Nasr (आयत 1 से 3) से है। इसमें 3 आयतें हैं और यह जुज़ 30 में है।

05 अगस्त 2026 को 16h34 बजे अपडेट किया गया

क़ुरआन में रुकू 552

3
आयतें
1
सूरह
30
जुज़
v.1 – v.3
आयतें

रुकू 552 में सूरह

النصر · जुज़ 30
पृष्ठ 603
रुकू 552
سورة الكافرون
जुज़ 30 95.9% (541/564)
हिज़्ब 60 92.0% (265/288)

إِذَا جَآءَ نَصْرُ ٱللَّهِ وَٱلْفَتْحُ ﴿١﴾

ऐ रसूल जब ख़ुदा की मदद आ पहँचेगी

وَرَأَيْتَ ٱلنَّاسَ يَدْخُلُونَ فِى دِينِ ٱللَّهِ أَفْوَاجًۭا ﴿٢﴾

और फतेह (मक्का) हो जाएगी और तुम लोगों को देखोगे कि गोल के गोल ख़ुदा के दीन में दाख़िल हो रहे हैं

فَسَبِّحْ بِحَمْدِ رَبِّكَ وَٱسْتَغْفِرْهُ ۚ إِنَّهُۥ كَانَ تَوَّابًۢا ﴿٣﴾

तो तुम अपने परवरदिगार की तारीफ़ के साथ तसबीह करना और उसी से मग़फेरत की दुआ माँगना वह बेशक बड़ा माफ़ करने वाला है

بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 18 रबी अल-अव्वल
الثلاثاء 18 ربيع الأول
أحدب متناقص घटता हुआ कूबड़ दिन 19.2 / 29.5
रोशनी 79%
10 दिनों में अमावस्या
الحمد لله अल्लाह की सारी प्रशंसा है