क़ुरआन का रुकू 553 पढ़ें

रुकू 553 सूरह Al-Masad (आयत 1 से 5) से है। इसमें 5 आयतें हैं और यह जुज़ 30 में है।

05 अगस्त 2026 को 16h34 बजे अपडेट किया गया

क़ुरआन में रुकू 553

5
आयतें
1
सूरह
30
जुज़
v.1 – v.5
आयतें

रुकू 553 में सूरह

المسد · जुज़ 30
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سورة المسد
जुज़ 30 96.5% (544/564)
हिज़्ब 60 93.1% (268/288)

تَبَّتْ يَدَآ أَبِى لَهَبٍۢ وَتَبَّ ﴿1﴾

अबु लहब के हाथ टूट जाएँ और वह ख़ुद सत्यानास हो जाए

مَآ أَغْنَىٰ عَنْهُ مَالُهُۥ وَمَا كَسَبَ ﴿2﴾

(आख़िर) न उसका माल ही उसके हाथ आया और (न) उसने कमाया

سَيَصْلَىٰ نَارًۭا ذَاتَ لَهَبٍۢ ﴿3﴾

वह बहुत भड़कती हुई आग में दाख़िल होगा

وَٱمْرَأَتُهُۥ حَمَّالَةَ ٱلْحَطَبِ ﴿4﴾

और उसकी जोरू भी जो सर पर ईंधन उठाए फिरती है

فِى جِيدِهَا حَبْلٌۭ مِّن مَّسَدٍۭ ﴿5﴾

और उसके गले में बटी हुई रस्सी बँधी है

بسم الله الرحمن الرحيم सोम 7 जुमादा अल-अव्वल
الاثنين 7 جمادى الأولى
التربيع الأول पहली तिमाही दिन 8.3 / 29.5
रोशनी 60%
6 दिनों में पूर्णिमा
حسبنا الله ونعم الوكيل अल्लाह हमारे लिए काफी है, कितना अच्छा रक्षक है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद