“जिसने दिन भर में सौ बार 'सुबहानल्लाहि व बिह़म्दिहि' (अल्लाह के लिए पवित्रता है उसकी प्रशं…
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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
स़ह़ीह़
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
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हदीस का पाठ: “जिसने दिन भर में सौ बार 'सुबहानल्लाहि व बिह़म्दिहि' (अ…
عن أبي هريرة رضي الله عنه أن رسول الله صلى الله عليه وسلم قال: «مَنْ قَالَ: سُبْحَانَ اللهِ وَبِحَمْدِهِ، فِي يَوْمٍ مِائَةَ مَرَّةٍ، حُطَّتْ خَطَايَاهُ وَإِنْ كَانَتْ مِثْلَ زَبَدِ الْبَحْرِ».
हदीस की व्याख्या: “जिसने दिन भर में सौ बार 'सुबहानल्लाहि व बिह़म्दिहि' (अ…
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम बता रहे हैं कि जिसने दिन एवं रात में सौ बार 'सुबहानल्लाहि व बिह़म्दिहि' (अल्लाह के लिए पवित्रता है उसकी प्रशंसा के साथ) कहा, उसके गुनाह मिटा तथा क्षमा कर दिए जाते हैं, यद्यपि उसके गुनाह इतने अधिक हों कि समुद्र के झाग के बराबर मालूम होते हों।
सीख: “जिसने दिन भर में सौ बार 'सुबहानल्लाहि व बिह़म्दिहि' (अ…
- यह सवाब लगातार तथा अंतराल के साथ दोनों तरह कहने से प्राप्त होगा।
- तसबीह का मलतब है अल्लाह को सभी कमियों से पवित्र कहना और ह़म्द (प्रशंसा) का अर्थ है उसे प्रेम तथा सम्मान के साथ हर प्रकार से संपूर्ण मानना।
- इस हदीस से मुराद छोटे गुनाहों का माफ़ होना है। बड़े गुनाह तौबा के बिना माफ़ नहीं होते।
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بسم الله الرحمن الرحيم
बुध 16 जुमादा अल-अव्वल
الأربعاء 16 جمادى الأولى
سبحان الله وبحمده
अल्लाह की महिमा और स्तुति है