अल्लाह के नामों और गुणों से संबंधित एकेश्वरवाद पर हदीसें

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«अल्लाह के नामों और गुणों से संबंधित एकेश्वरवाद» पर 76 समझाई गई नबवी हदीसें: अरबी पाठ, अनुवाद, व्याख्या और सीख, प्रामाणिकता की डिग्री और स्रोतों के साथ।

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

अल्लाह के नामों और गुणों से संबंधित एकेश्वरवाद पर हदीसों की सूची

सह़ीह़ अल्लाह अपने बंदों पर उससे कहीं ज़्यादा मेहरबान है, जितना यह अपने बच्चे पर मेहरबान है सह़ीह़ एक कुत्ता एक कुएँ के चारों ओर चक्कर लगा रहा था और क़रीब था कि वह प्यास से हलाक हो जाए कि उसे बनी इसराईल की एक वेश्या ने देख लिया। फिर उसने अपना मोज़ा सह़ीह़ ऐ मेरे रब! मेरी सहायता कर और मेरे विरुद्ध सहायता न कर, मुझे विजय प्रदान कर और किसी को मेरे विरुद्ध विजय प्रदान न कर, मेरे हक़ में योजना बना तथा मेरे व स़ह़ीह़ हमारा बरकत वाला तथा उच्च रब हर रात, जबकि रात का एक तिहाई भाग शेष रह जाता है, दुनिया से निकट वाले आसमान पर उतरकर फरमाता है सह़ीह़ क्या तुम्हें दोपहर के समय सूरज को देखने में, जबकि वह बादलों में न हो, कोई कठिनाई होती है? उन्होंने उत्तर दिया कि नहीं! तो आपने फ़रमाया: क्या तुम्हें च सह़ीह़ ईमान तो यमनी है और हिकमत भी यमनी है सह़ीह़ अल्लाह के निन्यानवे, एक कम सौ नाम हैं, जिसने उन्हें याद कर लिया, वह जन्नत में प्रवेश करेगा, अल्लाह एक है और वह विषम संख्या को पसंद करता है सह़ीह़ तुममें से कोई जब नमाज़ में खड़ा होता है, तो वह अपने रब से व्यक्तिगत रूप से बात कर रहा होता है या उसका रब उसके और क़िबले के बीच होता है। इसलिए, तुममें सह़ीह़ क्या मैं तुम्हें उन तीन व्यक्तियों के बारे में न बताऊँ? उनमें से एक ने अल्लाह की शरण ली, तो अल्लाह ने उसे अपनी शरण दे दी। दूसरा शरमाया, तो अल्लाह ने भ सह़ीह़ मैं तुमसे केवल अल्लाह के लिए मोहब्बत करता हूँ। तो उसने कहाः वह भी तुमसे मोहब्बत करे, जिसके लिए तुम्हें मुझसे मोहब्बत है। स़ह़ीह़ बेशक अल्लाह को ग़ैरत (स्वाभिमान) आती है और मोमिन को भी ग़ैरत आती है। अल्लाह को ग़ैरत इस बात पर आती है कि मोमिन वह कार्य करे, जिसे अल्लाह ने हराम (वर्ज सह़ीह़ इन लोगों का भय कैसा है? यह स्पष्ट अर्थ वाली हदीस सुनकर नर्म पड़ जाते हैं, लेकिन अस्पष्ट अर्थ वाली हदीस सुनकर हलाक होने लगते हैं! सह़ीह़ एक यहूदी धर्मगुरू अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास आकर कहने लगाः ऐ मुहम्मद, हम अपनी किताबों में पाते हैं कि अल्लाह आकाशों को एक उगली प सह़ीह़ अल्लाह क़यामत के दिन आकाशों को लपेटकर अपने दाएँ हाथ में कर लेगा और कहेगाः मैं ही बादशाह हूँ। कहाँ हैं सरकशी करने वाले लोग? कहाँ हैं अहंकार करने वाले ल स़ह़ीह़ संतुलित रहा करो और सीधे चला करो। जान लो कि तुममें से कोई हरगिज़ अपने अमल से मुक्ति नहीं पा सकता।" सहाबा ने कहा : आप भी नहीं, ऐ अल्लाह के रसूल? तो फ़रम सह़ीह़ सिफ़ारिश करो, प्रतिफल प्राप्त करोगे तथा अल्लाह अपने नबी की ज़बान से वह निर्णय देगा, जो उन्हे पसंद होगा। स़ह़ीह़ मैं अपने बारे में अपने बंदे की सोच के निकट होता हूँ तथा मैं उसके साथ होता हूँ, वह जब भी मुझे याद करे। सह़ीह़ जब अल्लाह किसी समुदाय पर अनुग्रह करना चाहता है, तो उससे पहले ही उसके नबी को उठा लेता है और उसे उसका अग्रदूत और सिफ़ारिशी बना देता है स़ह़ीह़ जो व्यक्ति दुनिया में किसी पर पर्दा डालेगा, अल्लाह क़यामत के दिन उसपर पर्दा डालेगा। सह़ीह़ मैं इस बात का तुमसे कहीं अधिक हक़दार हूँ। चलो, मेरे इस बंदे को माफ़ कर दो। सह़ीह़ अल्लाह तआला ने कृपा को एक सौ भागों में बाँटकर अपने पास निन्यानवे भाग रख लिए और धरती में एक भाग उतारा। उसी एक भाग के कारण सारी सृष्टियाँ एक-दूसरे पर दय स़ह़ीह़ “निस्संदेह, अल्लाह पवित्र है और केवल पवित्र चीज़ों को ही स्वीकार करता है। अल्लाह ने ईमान वालों को वही आदेश दिया है, जो उसने रसूलों को दिया था। स़ह़ीह़ निःसंदेह अल्लाह ने नेकियों और गुनाहों को लिख लिया है। फिर उसका विस्तार करते हुए फ़रमाया : जिसने किसी सत्कर्म का इरादा किया और उसे कर नहीं सका, अल्लाह स़ह़ीह़ अल्लाह तुम्हारे रूप और तुम्हारे धनों को नहीं देखता, बल्कि तुम्हारे दिलों और कर्मों को देखता है। स़ह़ीह़ ऐ मेरे बंदो! मैंने अत्याचार को अपने ऊपर हराम कर लिया है और उसे तुम्हारे बीच हराम किया है, अतः तुम एक-दूसरे पर अत्याचार न करो सह़ीह़ अल्लाह के निकट सबसे प्रिय स्थान मस्जिदें और सबसे अप्रिय स्थान, बाज़ार हैं। सह़ीह़ अल्लाह ने जब मखलूक़ की सृष्टि की, तो एक किताब में, जो उसके पास अर्श पर है, लिख दियाः मेरी रहमत मेरे क्रोध पर हावी रहेगी। सह़ीह़ अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने एक व्यक्ति को एक सैन्यदल का अमीर बनाकर भेजा। वह अपने साथियों को नमाज़ पढ़ाते समय कुरआन पढ़ता, तो अंत में सह़ीह़ अली बिन अबू तालिब (रज़ियल्लाहु अंहु) के पास एक सवारी लाई गई, ताकि उसपर सवार हों। जब उन्होंने पायदान पर पाँव रखा, तो 'बिस्मिल्लाह' कहा। ह़सन हे आदम के पुत्र! जब तक तू मुझे पुकारता रहेगा तथा मुझसे आशा रखेगा, मैं तेरे पापों को क्षमा करता रहूँगा, चाहे वह जितने भी हों, मैं उसकी परवाह नहीं करूँग सह़ीह़ पवित्र एवं सर्वशक्तिमान अल्लाह ऐसे दो आदमियों को देखकर हँसता है, जिनमें से एक व्यक्ति दूसरे को क़त्ल करता है और (फिर भी) दोनों जन्नत में प्रवेश कर जात सह़ीह़ तुम्हारे स्वभाव में दो ऐसी बातें हैं, जिन्हें अल्लाह पसंद करता है : सहनशीलता और धैर्य। स़ह़ीह़ निश्चय ही अल्लाह अत्याचारी को छूट देता रहता है और जब पकड़ता है, तो छोड़ता नहीं है सह़ीह़ एक व्यक्ति अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास आकर कहने लगाः ऐ अल्लाह के रसूल! मैं (भूख से) निढाल हूँ। सह़ीह़ अल्लाह तआला फरमाता हैः प्रतिष्ठा मेरा तहबंद और अभिमान मेरी चादर है। अतः, जो उन दोनों में से कोई भी चीज़ मुझसे खींचेगा, मैं उसे यातना में डालूँगा। सह़ीह़ ऐ लोगो! स्वंय अपने आप पर दया करो। तुम किसी बहरे तथा ग़ायब को नहीं बुला रहे हो, वह तुम्हारे साथ है और वह बहुत ही सुनने वाला और समीप है सह़ीह़ अल्लाह मुहसिन अर्थात परोपकारी है, इसी लिए वह प्रत्येक वस्तु के साथ एहसान किए जाने को पसंद करता है। अतः जब तुम उस व्यक्ति को क़त्ल करो, जिसको इस्लामी द स़ह़ीह़ आदम की संतान ने मुझे झुठलाया, हालाँकि उसे ऐसा करने का हक नहीं था। मुझे गाली दी, हालाँकि ऐसा करने का उसे कोई अधिकार नहीं था सह़ीह़ जब अल्लाह किसी समुदाय को अज़ाब में लिप्त करना चाहता है, तो प्रत्येक व्यक्ति को उस यातना से ग्रस्त करता है, फिर हर एक अपने कर्मों के अनुसार उठाया जाएगा सह़ीह़ कुर्सी दोनों पैरों के रखने का स्थान है और अर्श की विशालता का अनुमान कोई नहीं लगा सकता सह़ीह़ ऐ अल्लाह! मैं तुझसे नेकी के काम करने की क्षमता माँगता हूँ, बुराइयों को छोड़ने का सुयोग माँगता हूँ, अधीनों से प्रेम करने का मनोबल माँगता हूँ और इस बात सह़ीह़ एक यहूदी ने नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास आकर कहाः ऐ मुहम्मद, अल्लाह (क़यामत के दिन) आकाशों को एक उँगली पर, धरतियों को एक उँगली पर, पहाड़ों को ह़सन जब कोई मुस्लिम व्यक्ति नमाज़ एवं ज़िक्र के लिए मस्जिदों में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने लगता है, तो अल्लाह उससे उसी प्रकार प्रसन्न होता है, जिस प्रका स़ह़ीह़ जो मेरे किसी वली (मित्र) से शत्रुता का रास्ता अपनाएगा, मैं उसके साथ जंग का एलान करता हूँ। मेरा बंदा जिन कामों के द्वारा मेरी निकटता प्राप्त करना चाहता सह़ीह़ जब अल्लाह ने जन्नत में आदम का चित्र बनाया, तो जब तक चाहा, उसे उसी दशा में छोड़े रखा। इस बीच इब्लीस उसके चोरों ओर चक्कर लगाने लगा और देखने लगा कि यह क् सह़ीह़ जब उच्च एवं महान अल्लाह किसी बंदे से मोहब्बत करता है, तो जिब्रील को पुकारकर कहता है कि अल्लाह अमुक बंदे से मोहब्बत करता है, तो तुम भी उससे मोहब्बत करो सह़ीह़ जब बंदा मुझसे एक बित्ता क़रीब आता है, तो मैं उससे एक हाथ क़रीब आता, जब वह मुझसे एक हाथ क़रीब आता है, तो मैं उससे दोनों हाथों को फैलाकर जितनी दूरी बनती सह़ीह़ अल्लाह के सौ से एक कम निन्यानवे नाम हैं। जिसने उनको याद किया तथा उनके तक़ाज़ों पर अमल किया, वह जन्नत में दाख़िल होगा। स़ह़ीह़ अल्लाह किसी मोमिन के द्वारा किए गए किसी अच्छे काम के महत्व को घटाता नहीं है। मोमिन को उसके अच्छे काम के बदले में दुनिया में नेमतें प्रदान की जाती हैं स़ह़ीह़ अल्लाह ज़मीन को अपनी मुट्ठी में ले लेगा तथा आकाशों को अपने दाएँ हाथ में लपेट लेगा और फिर कहेगा : मैं ही बादशाह हूँ। कहाँ हैं धरती के बादशाह? स़ह़ीह़ जिसने उसे दुनिया में पैरों पर चलाया, क्या वह क़यामत के दिन उसे चेहरे के बल चला नहीं सकता? स़ह़ीह़ अल्लाह सोता नहीं है तथा सोना उसकी महानता के अनुरूप भी नहीं है स़ह़ीह़ ''तुममें से हर एक के साथ अल्लाह बात करेगा, इस तरह कि उसके और उसके रब के बीच कोई अनुवादक न होगा। स़ह़ीह़ “निस्संदेह, अल्लाह पवित्र है और केवल पवित्र चीज़ों को ही स्वीकार करता है। अल्लाह ने ईमान वालों को वही आदेश दिया है, जो उसने रसूलों को दिया था। स़ह़ीह़ बेशक अल्लाह ने नेकियों और गुनाहों को लिख लिया है। "फिर उसका विस्तार करते हुए फ़रमाया स़ह़ीह़ “अल्लाह तआला का फ़रमान है : जिसने मेरे किसी ‘वली’ से दुश्मनी की, उससे मेरी ओर से युद्ध का ऐलान है। मेरा बंदा जिन चीज़ों के द्वारा मेरी निकटता प्राप्त सह़ीह़ जो अल्लाह से मिलना पसंद करता है, अल्लाह भी उससे मिलना पसंद करता है और जो अल्लाह से मिलना नापसंद करता है, अल्लाह भी उससे मिलना नापसंद करता है। सह़ीह़ रहिम (रिश्ता) रहमान के 'हुजज़ा' (तहबंद बाँधने के स्थान) को पकड़े हुआ है। जो उसे जोड़ेगा, रहमान उसे ज़ोड़ेगा और जो उसे तोड़ेगा, रहमान उसे तोड़ेगा। सह़ीह़ क्या तू इस बात से प्रसन्न नहीं है कि जो तुझे जोड़े, मैं उसे जोड़ूँ और तुझे काटे में उसे काटूँ? स़ह़ीह़ दया करने वालों पर दयावान अल्लाह दया करता है। तुम ज़मीन वालों पर दया करो, आकाश वाला तुमपर दया करेगा।
بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.5 / 29.5
रोशनी 97%
13 दिनों में अमावस्या
لا حول ولا قوة إلا بالله अल्लाह के बिना कोई शक्ति और सामर्थ्य नहीं

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद