इस्लाम > Hi > हदीस > फकह तथ उसल ए फकह > ऐ अब्दुर्रहमान बिन समुरा! सत्ता न माँगो, क्योंकि यदि माँगने पर सत्ता दिए गए, तो तुम उसी के…
सह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعن عَبْد الرَّحْمَنِ بْن سَمُرَةَ رضي الله عنه أن رسول الله صلى الله عليه وسلم قال له: «يا عبد الرحمن بن سَمُرَة، لا تَسْأَلِ الإِمَارَةَ؛ فإنك إن أُعْطِيتَها عن مَسْأَلَةٍ وُكِلْتَ إليها، وإن أُعْطِيتَهَا عن غير مَسْأَلَةٍ أُعِنْتَ عليها، وإذا حَلَفْتَ على يمينٍ فرأيتَ غيرها خيرًا منها، فَكَفِّرْ عن يمينك، وَأْتِ الذي هو خير».
अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने कोई प्रशासनिक पद माँगकर लेने से मना फ़रमाया है, इसलिए कि यदि किसी को माँगने के कारण पद मिलता है, तो उसकी सहायता नहीं की जाती और उसे असहाय छोड़ दिया जाता है, क्योंकि वह दुनिया चाहता है और उसे आखिरत पर तरजीह देता है। जबकि जो बिना माँगे पद प्राप्त करता है, अल्लाह उसे संभालने के संबंध में उसकी सहायता करता है। इस हदीस में यह भी बताया गया है कि क़सम किसी अच्छे कार्य से रोक नहीं सकती। यदि क़सम खाने वालेे को लगे कि भलाई क़सम को तोड़नेे ही में है, तो उसके लिए जायज़ है कि कफ़्फ़ारा देकर क़सम से छुटकारा प्राप्त कर ले और वह कार्य करे, जो अच्छा है।
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