यही वह सहाबी हैं, जिनके लिए अर्श हिल उठा, आकाश के द्वार खोले गए और उनके जनाज़े में सत्तर ह…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे नसाई ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: यही वह सहाबी हैं, जिनके लिए अर्श हिल उठा, आकाश के द्वार…

عن ابن عمر رضي الله عنهما ، عن رسول الله صلى الله عليه وسلم قال: «هذا الذي تحرَّكَ له العرشُ، وفُتِحَتْ له أبوابُ السماءِ، وشَهِدَه سبعون ألفًا من الملائكة، لقد ضُمَّ ضَمَّةً، ثم فُرِّجَ عنه».

हदीस की व्याख्या: यही वह सहाबी हैं, जिनके लिए अर्श हिल उठा, आकाश के द्वार…

श्रेणियाँ : सहाबा रज़ियल्लाहु अनहुम की फ़ज़ीलतें · अक़ीदा · फ़रिश्तों पर ईमान · सहाबा · फरिश्ते

بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.6 / 29.5
रोशनी 96%
13 दिनों में अमावस्या
لا حول ولا قوة إلا بالله अल्लाह के बिना कोई शक्ति और सामर्थ्य नहीं

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद