तुममें से जो व्यक्ति कोई ग़लत काम देखे, वह उसे अपने हाथ से बदल दे। अगर हाथ से बदल नहीं सकत…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है

स़ह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: तुममें से जो व्यक्ति कोई ग़लत काम देखे, वह उसे अपने हाथ…

عن أبي سعيد الخُدْريِّ رضي الله عنه قال: سمعت رسول الله صلى الله عليه وسلم يقول: «‌مَنْ ‌رَأَى ‌مِنْكُمْ ‌مُنْكَرًا فَلْيُغَيِّرْهُ بِيَدِهِ، فَإِنْ لَمْ يَسْتَطِعْ فَبِلِسَانِهِ، فَإِنْ لَمْ يَسْتَطِعْ فَبِقَلْبِهِ، وَذَلِكَ أَضْعَفُ الْإِيمَانِ».

हदीस की व्याख्या: तुममें से जो व्यक्ति कोई ग़लत काम देखे, वह उसे अपने हाथ…

इस हदीस में अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम अपनी क्षमता अनुसार बुराई को बदलने का आदेश दे रहे हैं। बुराई से मुराद हर वह कार्य है, जिससे अल्लाह और उसके रसूल ने मना किया है। अगर इन्सान कोई बुराई देखे और उसके पास उसे हाथ से बदलने की शक्ति हो, तो उसके ऊपर उसे हाथ से बदलना वाजिब है। अगर हाथ से बदलने की शक्ति न हो, तो अपनी ज़बान से बदले। इसका तरीक़ा यह है कि उसे करने से मना करे, उसका नुक़सान बताए और उसके बदले में किसी अच्छे काम का उपदेश दे। अगर ज़बान खोलने की भी शक्ति न हो, तो अपने दिल से बदले। यानी उस बुराई को बुरा जाने और इरादा रखे कि अगर उसे बदलने की शक्ति आ जाए, तो बदल देगा। बुराई को बदले के संबंध में दिल से बदलना ईमान की सब से निचली श्रेणी है।

सीख: तुममें से जो व्यक्ति कोई ग़लत काम देखे, वह उसे अपने हाथ…

श्रेणियाँ : अक़ीदा · भलाई का आदेश देना तथा बुराई से रोकना · भलाई का आदेश देने तथा बुराई से रोकने का हुक्म · Principles of Enjoining Good and Forbidding Evil · आह्वान एवं भलाई का आदेश देने तथा बुराई से रोकने का प्रबंध करना · अल्लाह के नाम और उनसे संबंधित अहकाम · ईमान का बढ़ना और घटना

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اللهم صل على محمد ऐ अल्लाह, मुहम्मद पर दरूद भेज

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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