नमाज़ तथा अपने मातहत काम कर रहे लोगों का ख़्याल रखना।

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे नसई ने अल-कुबरा में तथा इब्न-ए-माजह ने रिवायत किया है

स़ह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: नमाज़ तथा अपने मातहत काम कर रहे लोगों का ख़्याल रखना।

हदीस की व्याख्या: नमाज़ तथा अपने मातहत काम कर रहे लोगों का ख़्याल रखना।

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने मौत से पहले तथा अपने जीवन की अंतिम घड़ियों में अपनी उम्मत को जिस बात की सबसे अधिक ताकीद की, वह यह थी : तुम नमाज़ अवश्य ही पाबंदी से अदा करना और उसकी उपेक्षा न करना और अपने मातहत दासों, दासियों के अधिकार तथा उनके साथ अच्छा व्यवहार करना। अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम इन शब्दों को लगातार दोहराते रहे, यहाँ तक कि आवाज़ गले में फँसने लगी और आपकी बात समझनी मुश्किल हो गई।

सीख: नमाज़ तथा अपने मातहत काम कर रहे लोगों का ख़्याल रखना।

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أستغفر الله मैं अल्लाह से माफी माँगता हूँ

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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