फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह पर हदीसें

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«फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह» पर 1144 समझाई गई नबवी हदीसें: अरबी पाठ, अनुवाद, व्याख्या और सीख, प्रामाणिकता की डिग्री और स्रोतों के साथ।

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह पर हदीसों की सूची

सह़ीह़ अम्र बिन अबसा के इस्लाम लाने की घटना और नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- का उन्हें नमाज़ और वज़ू सिखाने का वर्णन। स़ह़ीह़ जो भी सोना या चाँदी रखने वाला व्यक्ति अपने उस धन का हक़ (ज़कात) अदा नहीं करता, उसके लिए क़यामत के दिन आग की तख़्तियाँ तैयार की जाएँगी सह़ीह़ अबू तलहा -अल्लाह उनसे प्रसन्न हो- का एक पुत्र बीमार था। अबू तलहा कहीं बाहर गए, तो उसकी मृत्यू हो गई। स़ह़ीह़ ''तुममें से हर एक के साथ अल्लाह बात करेगा, इस तरह कि उसके और उसके रब के बीच कोई अनुवादक न होगा। स़ह़ीह़ अल्लाह तआला फ़रमाता है : तीन आदमी ऐसे हैं कि क़यामत के दिन मैं उनका दुश्मन होऊंगा ह़सन ''एक दूसरे को उपहार दिया करो, इससे परस्पर प्रेम बढ़ेगा।'' स़ह़ीह़ मैं औरतों से मुसाफ़हा नहीं करता। मेरा एक औरत से बात करना एक सौ औरतों से बात करने की तरह है। स़ह़ीह़ उक्ल एवं उरैना क़बीलों के कुछ लोग (मदीना) आए और मदीने की आब व हवा रास न आने के कारण बीमार हो गए। ह़सन जिसने ख़ुद को शरई दंड का हक़दार बना लिया और उसे दुनिया में दंड दे दिया गया, तो अल्लाह का न्याय इस बात की अनुमति नहीं देता कि अपने बंदे को आख़िरत में द स़ह़ीह़ उसपर लानत न भेजो, अल्लाह की क़सम! मुझे मालूम है कि वह अल्लाह और उसके रसूल से प्रेम करता है। स़ह़ीह़ सात प्रकार के लोग ऐसे हैं, जिनको अल्लाह उस दिन अपने अर्श के नीचे छाया देगा, जिस दिन उसकी छाया के अतिरिक्त कोई छाया नहीं होगी स़ह़ीह़ अल्लाह तुम्हारे लिए तीन बातों को पसंद करता है और तुम्हारे लिए तीन बातों को नापसंद करता है। स़ह़ीह़ तुममें से कोई व्यक्ति अपने भाई की ओर हथियार से इशारा न करे। क्योंकि उसे नहीं पता कि शायद शैतान उसके हाथ में मौजूद हथियार को हरकत दे दे और फलस्वरूप वह स़ह़ीह़ क्या मैं तुम्हें उस चीज़ के बारे में न बताऊँ, जो श्रेणी में रोज़ा, नमाज़ और सदक़ा से भी उत्तम है? स़ह़ीह़ “अल्लाह की क़सम! वह व्यक्ति मोमिन नहीं है, अल्लाह की क़सम! वह व्यक्ति मोमिन नहीं है, अल्लाह की क़सम! वह व्यक्ति मोमिन नहीं है।” पूछा गया कि ऐ अल्लाह क स़ह़ीह़ नमाज़ तथा अपने मातहत काम कर रहे लोगों का ख़्याल रखना। सह़ीह़ जब तुम अपने सधाए हुए कुत्ते को छोड़ो और अल्लाह का नाम लो, तो उसे खाओ जो वह तुम्हारे लिए रोककर रखे। सह़ीह़ सर्वशक्तिमान एवं महान अल्लाह ने मक्का से हाथी वालों को रोक दिया था और उसने अपने रसूल तथा मोमिनों को उसपर विजय प्रदान किया है। देखो, यह न तो मुझसे पहले स़ह़ीह़ सोना के बदले में सोना, चाँदी के बदले में चाँदी, गेहूँ के बदले में गेहूँ, जौ के बदले में जौ, खजूर के बदले में खजूर और नमक के बदले में नमक, बराबर बराबर स़ह़ीह़ लुंगी का जो भाग टख़नों से नीचे लटकेगा, वह जहन्नम में जाएगा। स़ह़ीह़ एड़ियों के लिए आग की यातना है। पूर्ण रूप से वज़ू किया करो। अल्लामा नववी रह़िमहुल्लाह कहते हैं : ह़दीस़ ह़सन है। अल्लाह तआला ने कुछ चीज़ें फ़र्ज़ की हैं; उन्हें नष्ट न करो, कुछ शरई दंड निर्धारित किए हैं; उनका उल्लंघन न करो, कुछ चीज़ें हराम की हैं; उनके निकट न जाओ स़ह़ीह़ इस्लाम की बुनियाद पाँच चीज़ों पर क़ायम है स़ह़ीह़ “संदेह में डालने वाली चीज़ों को छोड़कर संदेह में न डालने वाली चीज़ों को अपनाओ। स़ह़ीह़ “अल्लाह ने हर चीज़ में अच्छे बर्ताव को अनिवार्य किया है। स़ह़ीह़ आपका क्या ख़याल है कि अगर मैं फ़र्ज़ नमाज़ें पढ़ूँ, रमज़ान के रोज़े रखूँ और हलाल को हलाल जानूँ स़ह़ीह़ “तहारत (पवित्रता) आधा ईमान है। ‘अल-हमदु लिल्लाह’ तराज़ू को भर देगा। ‘सुबहान अल्लाह’ और ‘अल-हमदु लिल्लाह’ आकाश और धरती के बीच के ख़ाली स्थानों को भर दे ह़सन “न हानि स्वीकार्य है, न किसी की हानि करना उचित है।” ह़सन अगर लोगों को उनके दावों के आधार पर दे दिया जाए तो कुछ लोग, लोगों की जान और माल तक का दावा करने लगें। लेकिन, दावा करने वाले को प्रमाण देना है और इनकार स़ह़ीह़ हर नशा वाली वस्तु हराम है। सह़ीह़ उस ज़ात की क़सम, जिसके हाथ में मेरे प्राण हैं, मैं तुम्हारे बीच अल्लाह की पुस्तक के अनुसार ही निर्णय करूँगा। दासी और बकरियाँ तुम्हें वापस मिलेंगी। तुम सह़ीह़ अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को सूचना मिली कि अम्र बिन औफ़ के बेटों के बीच लड़ाई हो गई है। अतः, अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- सह़ीह़ न दी हुई चीज़ को ज़ाहिर करने वाला ऐसा है, जैसे किसी ने झूठ का जोड़ा पहन रखा हो। सह़ीह़ "ऐ अल्लाह, सिर मुंडवाने वालों पर दया कर।" लोगों ने कहाः ऐ अल्लाह के रसूल, बाल छोटे करवाने वालों पर? फ़रमायाः "ऐ अल्लाह, सिर मुंडवाने वालों पर दया कर।" सह़ीह़ नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने मग़रिब और इशा की नमाज़ एक साथ इस प्रकार पढ़ी कि प्रत्येक नमाज़ के लिए इक़ामत कही। न दोनों के बीच में कोई नफ़ल नमाज़ सह़ीह़ अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने हमें किसी जंग में भय की नमाज़ पढ़ाई। एक जमात आपके साथ खड़ी हो गई और एक जमात शत्रु के सामने खड़ी रही। जो ल सह़ीह़ यदि नमाज़ी के सामने से गुज़रने वाला जान ले कि उसपर कितना गुनाह है, तो नमाज़ी के सामने से गुज़रने की तुलना में, चालीस तक ठहरे रहना उसके लिए उत्तम होगा। सह़ीह़ अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने हमें आदेश दिया कि हम दोनों ईदों में कुँवारी तथा परदानशीं स्त्रियों को ले जाएँ। तथा मासिक धर्म वाली स्त्रि सह़ीह़ तुममें से कोई एक कपड़े में इस तरह नमाज़ न पढ़े कि उसके दोनों कंधों पर कपड़े का कोई भाग न हो। सह़ीह़ जो अल्लाह से मिलना पसंद करता है, अल्लाह भी उससे मिलना पसंद करता है और जो अल्लाह से मिलना नापसंद करता है, अल्लाह भी उससे मिलना नापसंद करता है। सह़ीह़ ऐ अल्लाह! मैंने जो पहले किया और जो बाद में किया, जो छिपाकर किया तथा जो दिखाकर किया और जिसमें मैंने अति की और जिसको तू मुझसे भी बेहतर जानने वाला है, उन सह़ीह़ मैंने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के साथ एक रात तहज्जुद की नमाज़ पढ़ी। आप खड़े हुए और सूरा बक़रा पढ़ी। जब रहमत की आयत से गुज़रते, तो रुक सह़ीह़ ऐ अल्लाह! मैंने अपने आपको तेरे हवाले कर दिया, तुझपर ईमान लाया, तुझपर भरोसा किया, तेरी मदद से अपने शत्रुओं से झगड़ा किया और निर्णय को तेरे हवाले कर दिय सह़ीह़ इद्दत पूरी हो चुकी है। अब तुम उसे नए सिरे से निकाह का संदेश भेजो। सह़ीह़ कोई ऐसा दिन नहीं, जिसमें अल्लाह जहन्नम से उतने बंदों को मुक्त करता हो, जितने बंदों को अरफ़ा के दिन मुक्त करता है। सह़ीह़ ऐ अल्लाह! अय्याश बिन अबू रबीआ, सलमा बिन हिशाम, वलीद बिन वलीद और दुर्बल मोमिनों को मुक्ति दिला दे। ऐ अल्लाह! मुज़र पर अपनी पकड़ सख्त कर। ऐ अल्लाह! उन्ह सह़ीह़ अल्लाह ने सच कहा है और तेरे भाई का पेट झूठा है। उसे शहद ही पिलाओ। सह़ीह़ ऐ अल्लाह, ऐ जिबराईल, मीकाईल तथा इसराफ़ील के रब! आकाश तथा धरती को बनाने वाले और हाज़िर और ग़ायब की ख़बर रखने वाले! तू ही अपने बंदों के मतभेदों का निर्ण सह़ीह़ नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने बनी इसराईल के एक व्यक्ति की घटना सुनाई, जिसने बनी इसराईल के एक अन्य व्यक्ति से एक हज़ार दीनार क़र्ज़ माँगे थे। स़ह़ीह़ समुद्र का पानी स्वयं पाक है एवं दूसरों को पाक करने वाला है और उसका मरा हुआ जानवर हलाल है। सह़ीह़ पानी पवित्र तथा पवित्र करने वाला है। उसे कोई वस्तु अपवित्र नहीं करती। स़ह़ीह़ जब पानी दो क़ुल्ला (दो बड़े-बड़े घड़ों के बराबर) हो जाए, तो वह गंदगी को प्रभावी होने नहीं देता। सह़ीह़ नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- मैमूना- रज़ियल्लाहु अन्हा- के स्नान के शेष पानी से स्नान कर लिया करते थे सह़ीह़ पानी नापाक नहीं होता। सह़ीह़ बिल्ली अपवित्र नहीं है। यह तुम्हारे आप-पास घूमने-फिरने वालों तथा घूमने-फिरने वालियों में से है। सह़ीह़ तुम्हारे लिए दो प्रकार के मुर्दे तथा दो प्रकार के रक्त हलाल किए गए हैं। जहाँ तक दो मुर्दों की बात है तो वह हैं : मछली और टिड़्डी। और जहाँ तक दो रक्त क सह़ीह़ जब तुममें से किसी के पेय पदार्थ में मक्खी गिर जाए, तो वह उसे उसमें डुबोकर निकाल ले, क्योंकि उसके एक पर में रोग है और दूसरे में शिफ़ा। सह़ीह़ जीवित जानवर के जिस अंश को काट लिया जाए, वह मुर्दा है। सह़ीह़ जो व्यक्ति सोने या चाँदी के बर्तन में पीता है वह अपने पेट में जहन्नम की आग भरता है। ह़सन क़ुरैश के कुछ लोग अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास से गुज़रे, जो एक बकरी को गधे की तरह घसीटकर ले जा रहे थे। यह देख अल्लाह के रसूल -सल्
بسم الله الرحمن الرحيم गुरु 17 जुमादा अल-अव्वल
الخميس 17 جمادى الأولى
أحدب متناقص घटता हुआ कूबड़ दिन 17.9 / 29.5
रोशनी 89%
12 दिनों में अमावस्या
الحمد لله अल्लाह की सारी प्रशंसा है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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