फ़ज़ीलतें तथा आदाब पर हदीसें

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«फ़ज़ीलतें तथा आदाब» पर 744 समझाई गई नबवी हदीसें: अरबी पाठ, अनुवाद, व्याख्या और सीख, प्रामाणिकता की डिग्री और स्रोतों के साथ।

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

फ़ज़ीलतें तथा आदाब पर हदीसों की सूची

स़ह़ीह़ जब तुममें से कोई व्यक्ति ऐसा सपना देखे, जो उसे अच्छा लगे, तो (जान ले कि) यह सपना अल्लाह की ओर से है। अतः उसपर अल्लाह की प्रशंसा करे और उसे (लागों को) ह़सन लि-ग़ैरिही (अन्य सनदों अथवा रिवायतों के साथ मिलकर हसन) जिसने अपने क्रोध पर नियंत्रण रखा, जबकि वह उसे चरितार्थ करने में सक्षम था, तो क़यामत के दिन अल्लाह उसे सारी सृष्टियों के सामने बुलाएगा और यह अख़्तियार स़ह़ीह़ मोमिन का मामला भी बड़ा अजीब है। उसके हर काम में उसके लिए भलाई है। जबकि यह बात मोमिन के सिवा किसी और के साथ नहीं है। सह़ीह़ तुम लोग कुछ ऐसे कार्य करते हो, जो तुम्हारी नज़र में बाल के बराबर भी महत्व नहीं रखते। जबकि हम उन्हें अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के ज़मान सह़ीह़ तुम लोग मेरे बाद भेदभाव का सामना करोगे। अतः, सब्र से काम लेना, यहाँ तक कि हौज़ पर मुझसे मिलो। स़ह़ीह़ अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम जब छींकते, तो अपना हाथ या कपड़ा अपने मुँह पर रख लेते और अपनी आवाज़ धीमी (या नीची) रखते। स़ह़ीह़ तुम लोग सात विनाशकारी वस्तुओं से बचो सह़ीह़ जब अल्लाह अपने बंदे के साथ भलाई का इरादा करता है, तो उसे दुनिया ही में जल्दी सज़ा दे देता है और जब अपने बंदे के साथ बुराई का इरादा करता है, तो उसके गु ह़सन "क्या मैं तुम्हें वह बात न बतला दूँ, जिसका मुझे तुम्हारे बारे में काना दज्जाल से भी अधिक भय है? सहाबा (रज़ियल्लाहु अन्हुम) ने कहाः अवश्य, ऐ अल्लाह के स़ह़ीह़ मैं तमाम साझेदारों की तुलना में साझेदारी से अधिक बेनियाज़ हूँ। जिसने कोई कार्य किया और उसमें किसी को मेरा साझी ठहराया, मैं उसके साथ ही उसके साझी बनाने स़ह़ीह़ क़यामत के दिन एक व्यक्ति लाया जाएगा तथा उसे जहन्नम में फेंक दिया जाएगा, जिससे उसके पेट की अंतड़ियाँ बाहर निकल आएँगी और वह उन्हें लेकर ऐसे घूम रहा होगा विभिन्न सनदों और शवाहिद के आधार पर सह़ीह़ मेरी क़ब्र को मेला स्थान न बनाना और न अपने घरों को क़ब्रिस्तान बनाना। हाँ, मुझपर दरूद भेजते रहना। क्योंकि तुम जहाँ भी रहो, तुम्हारा सलाम मुझे पहुँच जा ह़सन अपने घरों को क़ब्रिस्तान न बनाओ और न मेरी क़ब्र को मेला स्थल बनाओ। हाँ, मुझपर दुरूद भेजते रहो, क्योंकि तुम जहाँ भी रहो, तुम्हारा दुरूद मुझे पहुँच जाएग सह़ीह़ जब तुम वस्त्र धारण करो अथवा वज़ू करो तो दाहिने ओर से प्रारंभ करो सह़ीह़ जो इन पुत्रियों के द्वारा कुछ आज़माया जाए, फिर वह उनके साथ अच्छा व्यवहार करे, तो वे उनके लिए जहन्नम की आग से बचाव का माध्यम बन जाएँगी। स़ह़ीह़ जिसने दो लड़कियों का लालन-पालन किया, यहाँ तक कि वह बड़ी हो गईं, तो क़यामत के दिन वह तथा मैं इस तरह आएँगे।" फिर आपने अपनी ऊँगलियों को मिलाया। स़ह़ीह़ तुम जन्नत में उस समय तक प्रवेश नहीं कर सकते, जब तक ईमान न लाओ, और तुम उस समय तक मोमिन नहीं हो सकते, जब तक एक-दूसरे से प्रेम न करने लगो। क्या मैं तुम्ह सह़ीह़ अल्लाह तआला ने फ़रमायाः "मेरी मोहब्बत उन लोगों के लिए वाजिब हो गई, जो मेरे लिए आपस में एक-दूसरे से मोहब्बत करते हैं, मेरे लिए एक-दूसरे के साथ बैठते है स़ह़ीह़ अल्लाह के निकट सबसे अधिक कौन-सा कर्म प्रिय है? आपने उत्तर दिया : "समय पर नमाज़ पढ़ना।" मैंने पूछा : फ़िर काैन-सा? फ़रमाया : "माँ-बाप के साथ अच्छा व्यव स़ह़ीह़ तुम्हारे कमज़ोर लोगों के कारण ही तुम्हारी सहायता की जाती है और तुम्हें रोज़ी दी जाती है। सह़ीह़ अल्लाह तआला क़यामत के दिन कहेगाः मेरे प्रताप के कारण एक-दूसरे से प्रेम करने वाले कहाँ हैं? आज मैं उन्हें अपनी छाया में जगह दूँगा, जबकि मेरी छाया के अत स़ह़ीह़ यह एक पत्थर है, जो सत्तर साल पहले जहन्नम में फेंका गया था। वह अब तक गिरता रहा और अब जाकर उसकी गहराई में जा पहुँचा है। स़ह़ीह़ एक व्यक्ति ने अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के पास बाएँ हाथ से खाना खाया, तो आपने कहा : "दाएँ हाथ से खा।" वह बोला : मैं इसकी ताक़त नहीं रखता। स़ह़ीह़ अपशगुन लेना शिर्क है। अपशगुन लेना शिर्क है। अपशगुन लेना शिर्क है। -आपने यह बात तीन बार कही।- तथा हममें से हर व्यक्ति के दिल में इस तरह की बात आती है, सह़ीह़ मैं सईद बिन जुबैर के पास बैठा था कि उन्होंने कहाः किसने आज रात तारा टूटते देखा है? मैंने कहाः मैंने देखा है। फिर मैंने कहाः उस समय मैं नमाज़ में नहीं स़ह़ीह़ कोई संक्रामकता नहीं, अपशगुनता नहीं, उल्लू का कोई कुप्रभाव नहीं और सफ़र मास में कोई दोष नहीं। कोढ़ के रोगी से वैसे ही भागो, जैसे शेर से भागते हो। स़ह़ीह़ अल्लाह की क़सम, अल्लाह तुम्हारे द्वारा यदि एक भी व्यक्ति को हिदायत दे दे, तो यह तुम्हारे लिए लाल ऊँटों से उत्तम है। सह़ीह़ यह कौन होता है मुझपर क़सम उठाने वाला कि मैं अमुक व्यक्ति को क्षमा नहीं करूँगा? मैंने उसे क्षमा कर दिया और तेरे कर्मों को व्यर्थ कर दिया। स़ह़ीह़ , ऐसे व्यक्ति को अल्लाह जन्नत में दाख़िल करेगा, चाहे उसका अमल जैसा भी रहा हो। स़ह़ीह़ जो अल्लाह से इस अवस्था में मिलेगा कि किसी को उसका साझी न बनाया होगा, वह जन्नत में प्रवेश करेगा और जो उससे इस अवस्था में मिलेगा कि किसी को उसका साझी ठह सह़ीह़ जब तुममें से कोई छींके, तो 'अल-हम्दु लिल्लाह' (सारी प्रशंसा अल्लाह की हैं) कहे और उसका भाई अथवा उसका साथी 'यरहमुकल्लाह' (अल्लाह तुझपर दया करे) कहे। फि सह़ीह़ उमर बिन ख़त्ताब (रज़ियल्लाहु अंहु) के पास जब भी यमन से सहायक सैन्यदल आते, तो वह पूछते थे कि क्या तुम्हारे बीच उवैस बिन आमिर हैं? ह़सन जो किसी बीमार व्यक्ति का हाल जानने जाता है या अपने किसी भाई से अल्लाह के लिए मिलने जाता है, तो एक पुकारने वाला उसे यह कहकर पुकारता है कि तुझे मुबारक ह सह़ीह़ जो भी प्राणी अत्याचारपूर्ण तरीक़े से मारा जाता है, उसके क़त्ल के गुनाह का एक भाग आदम के पहले बेटे के हिस्से में जाता है। क्योंकि उसीने सबसे पहले नाहक़ सह़ीह़ क्या तुम नहीं जानते कि इसलाम पहले के गुनाहों को ख़त्म कर देता है, हिजरत पहले के गुनाहों को ख़त्म कर देती है और हज पहले के गुनाहों को ख़त्म कर देता है? सह़ीह़ नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) जब कोई बात कहते, तो तीन बार कहते, ताकि आपकी बात को ठीक से समझ लिया जाए और जब किसी समूह के पास जाते और उन्हें सलाम करते, सह़ीह़ दो सहाबी नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास से अंधेरी रात में निकले, तो उनके साथ आगे-आगे दो चिराग जैसे चलने लगे। सह़ीह़ मैंने उमर (रज़ियल्लाहु अंहु) को जब भी किसी चीज़ के बारे में 'मैं समझता हूँ कि यह ऐसी है' कहते सुना, तो वह वैसी ही निकली। ह़सन तुम केवल ईमान वाले के साथ रहो और तुम्हारा खाना केवल सदाचारी व्यक्ति खाए। स़ह़ीह़ जो मुझे दोनों दाढ़ों के बीच तथा दोनों पैरों के बीच (के अंगों) की गारंटी दे दे, मैं उसे जन्नत की गारंटी देता हूँ। सह़ीह़ जिसे अल्लाह ने दोनों दाढ़ों के बीच और दोनों पैरों के बीच की बुराई से बचा लिया, वह जन्नत में प्रवेश करेगा। सह़ीह़ कोई बंदा एक बात करता है और उसमें सोच-विचार नहीं करता, जिसके कारण वह जहन्नम के गढ़े में उससे कहीं अधिक दूर जा गिरता है, जितनी दूरी पूरब और पश्चिम के बी ह़सन ग़रीब एक व्यक्ति अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास आकर बोला कि ऐ अल्लाह के रसूल! मैं यात्रा पर निकलना चाहता हूँ। अतः, मुझे कुछ पाथेय प्रदान की सह़ीह़ सबसे बड़ी भलाई यह है कि आदमी अपने पिता के दोस्तों के साथ अच्छा व्यवहार करे। सह़ीह़ अनस- रज़ियल्लाहु अन्हु- की माँ ने कहाः देखो, अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) का भेद किसी के सामने न खोलना। अनस- रज़ियल्लाहु अन्हु- ने कहाः अ सह़ीह़ जिसने ( घर से निकलते समय) कहाः 'بِسم الله تَوَكَّلتُ على اللهِ، وَلاَ حول ولا قُوَّة إِلَّا بالله' (अर्थात, अल्लाह के नाम से, मैंने अल्लाह पर भरोसा कि सह़ीह़ जब खाते समय अल्लाह का नाम न लिया जाए तो उस खाने में शैतान शामिल हो जाता है। वही इस बच्ची को लाया था, ताकि इसके माध्यम से खाने में शरीक हो जाए। अतः, मै सह़ीह़ अल्लाह तआला ने कहाः मेरे प्रताप के कारण एक-दूसरे से प्रेम करने वालों के लिए नूर के मिंबर होंगे तथा उनपर नबी एवं शहीद भी रश्क करेंगे। स़ह़ीह़ अल्लाह से डरो जो तुम्हारा रब है, पाँच वक़्त की नमाज़ें पढ़ो, अपने महीने (अर्थाथ रमज़ान महीने) के रोज़े रखो, अपने धन की ज़कात दो तथा अपने शासकों की बात स़ह़ीह़ जब तुममें से कोई अपने भाई से मिले, तो उसे सलाम करे। फिर, अगर दोनों के बीच पेड़, दीवार या पत्थर आ जाए और वह उससे (दोबारा) मिले, तो फिर उसे सलाम करे। सह़ीह़ जब अल्लाह ने आदम (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को पैदा किया तो कहा कि जाओ और उन (बैठे हुए फ़रिश्तों) को सलाम करो और सुनो कि वे क्या उत्तर देते हैं, क्यों सह़ीह़ एक व्यक्ति अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास आया और बोलाः ऐ अल्लाह के रसूल! ज़रा यह बताएँ कि यदि कोई व्यक्ति मेरा धन छीनना चाहे तो मैं सह़ीह़ चालीस अच्छे कार्य हैं; जिनमें सबसे उत्तम कार्य किसी को दूध पीने के लिए बकरी देना है। जो बंदा, प्रतिफल की आशा में तथा उनके बारे में अल्लाह के वचन पर वि सह़ीह़ सिफ़ारिश करो, प्रतिफल प्राप्त करोगे तथा अल्लाह अपने नबी की ज़बान से वह निर्णय देगा, जो उन्हे पसंद होगा। सह़ीह़ जब दुनिया की समाप्ति का समय निकट आ जाएगा तो मोमिन का स्वप्न मुश्किल ही से झूठा निकलेगा। तथा मोमिन का स्वप्न नबुव्वत (ईशदौत्य) के छयालीस भागों में से ए ह़सन सबसे उत्तम ज़िक्र 'ला इलाहा इल्लल्लाह' और सबसे उत्तम दुआ 'अल-हम्दु लिल्लाह' है। सह़ीह़ इसने कार्य थोड़ा किया और प्रतिफल बड़ा प्रदान किया गया। स़ह़ीह़ ''क्या मैं तुम्हें ऐसी बातें न बताऊँ, जिनके ज़रिए अल्लाह गुनाहों को मिटा देता है और दर्जे ऊँचे कर देता है? स़ह़ीह़ क्या मैं तुम्हें तुम्हारा सबसे उत्तम कार्य न बताऊँ, जो तुम्हारे रब के निकट सबसे ज़्यादा सराहनीय, तुम्हारे दरजे को सबसे ऊँचा करने वाला स़ह़ीह़ मुझे एक ऐसा वाक्य मालूम है कि अगर यह व्यक्ति उसे पढ़ ले, तो इसका ग़ुस्सा ठंडा हो जाए। अगर इसने कहा : मैं शैतान से अल्लाह की शरण में आता हूँ। तो इसका ग
بسم الله الرحمن الرحيم बुध 16 जुमादा अल-अव्वल
الأربعاء 16 جمادى الأولى
أحدب متناقص घटता हुआ कूबड़ दिन 17.2 / 29.5
रोशनी 93%
12 दिनों में अमावस्या
اللهم صل على محمد ऐ अल्लाह, मुहम्मद पर दरूद भेज

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद