रुकू 556 सूरह An-Nas (आयत 1 से 6) से है। इसमें 6 आयतें हैं और यह जुज़ 30 में है।
28 अक्टूबर 2026 को 00h24 बजे अपडेट किया गया
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قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ ٱلنَّاسِ ﴿1﴾
(ऐ रसूल) तुम कह दो मैं लोगों के परवरदिगार
مَلِكِ ٱلنَّاسِ ﴿2﴾
लोगों के बादशाह
إِلَـٰهِ ٱلنَّاسِ ﴿3﴾
लोगों के माबूद की (शैतानी)
مِن شَرِّ ٱلْوَسْوَاسِ ٱلْخَنَّاسِ ﴿4﴾
वसवसे की बुराई से पनाह माँगता हूँ
ٱلَّذِى يُوَسْوِسُ فِى صُدُورِ ٱلنَّاسِ ﴿5﴾
जो (ख़ुदा के नाम से) पीछे हट जाता है जो लोगों के दिलों में वसवसे डाला करता है
مِنَ ٱلْجِنَّةِ وَٱلنَّاسِ ﴿6﴾
जिन्नात में से ख्वाह आदमियों में से