सूरह Ash-Sharh पढ़ें

सूरह Ash-Sharh (الشرح) क़ुरआन की एक मक्की सूरह है जिसमें 8 आयतें हैं। हमारे इंटरैक्टिव उपकरणों से इस सूरह को पढ़ें, सुनें और हिफ़्ज़ करें।

05 अगस्त 2026 को 16h34 बजे अपडेट किया गया

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सूरह Ash-Sharh अंकों में

कालानुक्रमिक अवतरण क्रम
अवतरण क्रमांक 12 / 114
(मक्की)
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शब्द
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103
अक्षर
-96.6% औसत से
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पढ़ने का मिनट
8
आयतें
-85.4% औसत से

मुख्य शब्दों की आवृत्ति

الله 0
رب 1

सबसे अधिक आवृत्त अक्षर

ر
13
#1
ك
9
#2
ن
8
#3
ل
7
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ع
7
#5
الشرح · जुज़ 30
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ऑडियो
हिफ़्ज़
प्रदर्शन
सूरह Ash-Sharh पढ़ें
سورة الليل
जुज़ 30 74.1% (418/564)
हिज़्ब 60 49.3% (142/288)

أَلَمْ نَشْرَحْ لَكَ صَدْرَكَ ﴿1﴾

(ऐ रसूल) क्या हमने तुम्हारा सीना इल्म से कुशादा नहीं कर दिया (जरूर किया)

وَوَضَعْنَا عَنكَ وِزْرَكَ ﴿2﴾

और तुम पर से वह बोझ उतार दिया

ٱلَّذِىٓ أَنقَضَ ظَهْرَكَ ﴿3﴾

जिसने तुम्हारी कमर तोड़ रखी थी

وَرَفَعْنَا لَكَ ذِكْرَكَ ﴿4﴾

और तुम्हारा ज़िक्र भी बुलन्द कर दिया

فَإِنَّ مَعَ ٱلْعُسْرِ يُسْرًا ﴿5﴾

तो (हाँ) पस बेशक दुशवारी के साथ ही आसानी है

إِنَّ مَعَ ٱلْعُسْرِ يُسْرًۭا ﴿6﴾

यक़ीनन दुश्वारी के साथ आसानी है

فَإِذَا فَرَغْتَ فَٱنصَبْ ﴿7﴾

तो जब तुम फारिग़ हो जाओ तो मुक़र्रर कर दो

وَإِلَىٰ رَبِّكَ فَٱرْغَب ﴿8﴾

और फिर अपने परवरदिगार की तरफ रग़बत करो

بسم الله الرحمن الرحيم बुध 3 रबी अल-सानी
الأربعاء 3 ربيع الآخر
هلال متزايد बढ़ता हुआ अर्धचंद्र दिन 4.7 / 29.5
रोशनी 23%
10 दिनों में पूर्णिमा
أستغفر الله मैं अल्लाह से माफी माँगता हूँ