परिवार से संबंधित फ़िक़्ह पर हदीसें

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«परिवार से संबंधित फ़िक़्ह» पर 177 समझाई गई नबवी हदीसें: अरबी पाठ, अनुवाद, व्याख्या और सीख, प्रामाणिकता की डिग्री और स्रोतों के साथ।

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

परिवार से संबंधित फ़िक़्ह पर हदीसों की सूची

स़ह़ीह़ ऐ औरतो! तुम सदक़ा किया करो, क्योंकि मैंने जहन्नम के अंदर तुम्हारी संख्या अधिक देखी है।" औरतों ने पूछा : ऐ अल्लाह के रसूल! ऐसा क्यों है? आपने उत्तर दिय सह़ीह़ उसकी क़सम, जिसके हाथ में मेरी जान है, जब भी शैतान तुम्हें (ऐ उमर!) किसी रास्ते पर चलता हुआ देखता है, तो तुम्हारा रास्ता छोड़ कर कोई और रास्ता अपना लेत स़ह़ीह़ कोई स्त्री दो दिन की दूरी के सफर पर उस समय तक न निकले, जब तक उसके साथ उसका पति या कोई महरम (ऐसा रिश्तेदार जिसके साथ कभी शादी न हो सकती हो) न हो सह़ीह़ तसबीह (सुबहान अल्लाह कहना) पुरुषों के लिए है और ताली बजाना स्त्रियों कि लिए। सह़ीह़ यूसुफ बिन अब्दुल्लाह बिन सलाम- रज़ियल्लाहु अन्हुमा- का कथन कि अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने मेरा नाम यूसुफ रखा तथा मुझे अपनी गोद में बि सह़ीह़ मेरे वारिस न दीनार तक़सीम करेंगे, न दिरहम। जो कुछ मैं अपनी पत्नियों के ख़र्च और अपने लिये काम करने वाले (ख़लीफ़ा आदि ) के ख़र्च के बाद छोड़ूँ, वह सदक़ स़ह़ीह़ तुम उसके धन में से उतना लो, जो साधारणतः तुम्हारे और तुम्हारे बच्चों के लिए काफ़ी हो। सह़ीह़ अब्दुर रहमान बिन औफ़ और ज़ुबैर बिन अव्वाम (रज़ियल्लाहु अन्हुमा) ने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से किसी युद्ध के दौरान जूँ की पीड़ा की शि सह़ीह़ अपने पास कुछ माल जमा रखो, यह तुम्हारे हित में बेहतर है सह़ीह़ स्त्रियों के साथ अच्छा व्यवहार करो, क्योंकि स्त्री पसली से पैदा की गई है और पसली का सबसे टेढ़ा भाग उसका ऊपरी भाग है। यदि तुम उसे सीधा करने जाओगे, तो उ स़ह़ीह़ निश्चय ही दुनिया मीठी और हरी-भरी है और अल्लाह तुम्हें उसमें उत्तराधिकारी बनाने वाला है, ताकि देख सके कि तुम किस तरह के काम करते हो। अतः, दुनिया से बचो सह़ीह़ तुममें से कोई उठता है और अपनी पत्नी को दास की तरह मारता है। जबकि हो सकता है कि वह उसी दिन के अंतिम भाग में उससे संभोग भी करे। स़ह़ीह़ कोई मोमिन पुरुष किसी मोमिन स्त्री से नफ़रत न करे। यदि वह उसके किसी काम को नापसंद करता है, तो उसके किसी दूसरे (अथवा अन्य) काम को पसंद करेगा। सह़ीह़ अगर तुम चाहो, तो सब्र करो, तुम्हें जन्नत मिलेगी और अगर चाहो, तो मैं अल्लाह से तुम्हारे लिए स्वास्थ्य लाभ की दुआ कर दूँ। सह़ीह़ जब तुममें से किसी की पत्नी उससे मस्जिद जाने की अनुमति माँगे, तो वह उसे न रोके। सह़ीह़ क़यामत के दिन अल्लाह के निकट सबसे बुरे लोगों में वह पुरुष भी शामिल होगा, जो अपनी पत्नी के पास जाए और उसकी पत्नी उसके पास आए, फिर वह अंदर की बातों को ब ह़सन ऐ अल्लाह, मैं लोगों को दो कमज़ोरों के हक़ को नष्ट करने से डराता हूँ; यतीम तथा स्त्री। सह़ीह़ ऊपर वाला हाथ नीचे वाले हाथ से बेहतर है। ऊपर वाला हाथ खर्च करने वाला हाथ है और नीचे वाला हाथ माँगने वाला हाथ है ह़सन अल्लाह उस व्यक्ति पर दया करे, जो रात को उठे, नमाज़ पढ़े और अपनी पत्नी को जगाए। यदि वह इनकार करे, तो उसके चेहरे पर पानी छिड़के। अल्लाह उस स्त्री पर दया सह़ीह़ बरीरा- रज़ियल्लाहु अन्हा- और उनके पति की घटना पर आधारित हदीस सह़ीह़ झूठा वह नहीं है जो लोगों के बीच सुधार का प्रयास करे एवं भली बात पहुँचाए अथवा अच्छी बात कहे। स़ह़ीह़ रिश्तों-नातों को निभाने वाला वह नहीं है जो एहसान के बदले एहसान करे, बल्कि असल रिश्तों-नातों को निभाने वाला वह है जो उससे संबंध विच्छेद किए जाने के बाव सह़ीह़ अपने भाई की मदद करो, वह ज़ालिम हो या मज़लूम। सह़ीह़ रेशमी वस्त्र वही पहनता है, जिसका कोई हिस्सा नहीं है। स़ह़ीह़ यह दोनों वस्तुएँ मेरी उम्मत के पुरुषों पर हराम और स्त्रियों के लिए हलाल हैं। सह़ीह़ यह व्यक्ति हमारे पीछे-पीछे आ गया है। तुम उसे अनुमति दो तो ठीक है, वरना वापस हो जाएगा। उसने कहाः अल्लाह के रसूल! बल्कि मैं उसे अनुमति देता हूँ। सह़ीह़ मैंने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को देखा कि तीन उँगलियों से खाना खा रहे थे। जब खाना खा चुके तो उँगलियों को चाट लिया। स़ह़ीह़ ‎“‎दूध पीने से वह रिश्ते हराम हो जाते हैं, जो जन्म के कारण से हराम होते हैं।‎”‎ सह़ीह़ ऐ अल्लाह के रसूल, यदि मैं अबू सलमा के बेटों पर खर्च करूँ, तो क्या मुझे उसका प्रतिफल मिलेगा, जबकि मैं उन्हें इस अवस्था में छोड़ भी नहीं सकती, क्योंकि व सह़ीह़ वह मोमिन जो लोगों से मेल-जोल रखता है तथा उनकी ओर से मिलने वाली यातनाओं पर सब्र करता है, उस मोमिन से अच्छा है, जो लोगों से मेल-जोल नहीं रखता तथा उनकी य सह़ीह़ अशअरी लोग जब युद्ध में खाने-पीने की चीज़ों की कमी का सामना करते हैं या शहर में उनके बाल बच्चों का खाना कम पड़ने लगता है, सह़ीह़ जब पति अपनी पत्नी को सहवास के लिए बुलाए, तो वह अवश्य आए, यद्यपि वह चूल्हे के पास ही क्यों न हो। ह़सन सबसे सम्पूर्ण ईमान वाला व्यक्ति वह है, जो सबसे अच्छे आचरण वाला हो और तुम्हारे अंदर सबसे उत्तम व्यक्ति वह है, जो अपनी पत्नियों के हक़ में सबसे अच्छा हो स़ह़ीह़ दुनिया एक क्षणिक उपभोग की वस्तु है और उसकी सर्वश्रेठ वस्तु नेक स्त्री है। स़ह़ीह़ अल्लाह फ़रमाता है : ऐ आदम की संतान! व्यय (खर्च) करो, तुमपर व्यय किया जाएगा। स़ह़ीह़ अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने हमें ख़ुतबा-ए-हाजत इस तरह सिखाया ह़सन जब तुममें से कोई किसी महिला को निकाह के लिए पैग़ाम दे तो यदि उसके बस में हो कि (उस में) उस चीज़ को देख सके जो उसको उस से विवाह के ओर आकर्षण करे, तो उसे सह़ीह़ जाओ तथा उसको देख लो, यह तुम दोनों के बीच प्रेम को बढ़ाने के लिए बहुत ही उपयुक्त है। सह़ीह़ जब अल्लाह तआला किसी पुरुष के हृदय में किसी महिला से विवाह करने का संदेशा भेजने की बात डाल दे तो कोई हर्ज नहीं है कि वह उस महिला को देख ले। ह़सन निकाह का ऐलान करो। स़ह़ीह़ वली (अभिभावक) के बिना निकाह (शादी) नहीं है। स़ह़ीह़ जो औरत अपने वली गण (अभिभावकों) की अनुमति के बिना निकाह करे, उसका निकाह बातिल है। (निकाह बातिल होने की बात आपने तीन बार कही।) अगर मर्द ने ऐसी औरत के सा सह़ीह़ वह महिला जिसका विवाह हो चुका हो, तो वह (दूसरे विवाह के समय) अपने बारे में फैसला करने में अपने वली से अधिक अधिकार रखती है और कुँवारी से आज्ञा मांगी जाए सह़ीह़ कोई महिला किसी महिला का विवाह सम्पन्न न कराए, न कोई महिला स्वयं अपना विवाह कर ले, ऐसी महिला जो स्वयं अपना विवाह कर लेती है वह ज़ानिया (दुराचारी) है। सह़ीह़ एक कुँवारी युवती नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास आई तथा उसने आप से कहा कि उसके पिता ने उसका विवाह करा दिया है जिसे वह नापसंद करती है, तो नबी -सल ह़सन जो दास अपने मालिक की अनुमति के बिना निकाह कर ले, वह व्यभिचारी है। इसकी सनद सह़ीह़ है। नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने मैमूना (रज़ियल्लाहु अंहा) से निकाह किया, तो आप एहराम की अवस्था में थे, जब उनसे आपका मिलन हुआ, तो आप एहराम खोल कर हला सह़ीह़ अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने औतास युद्ध के साल तीन दिनों के लिए मुतआ़ की अनुमति दी और फिर उससे मना कर दिया।) सह़ीह़ अल्लाह तआला ने ह़लाला करने वाले और ह़लाला करवाने वाले पर लानत भेजी है। सह़ीह़ नहीं, ऐसा उस समय तक नहीं हो सकता, जब तक पहले पति की तरह दूसरा पति भी उसका मज़ा न चख ले। ह़सन ऐ बनू बयाज़ा, अबू हिंद से अपनी बेटियों का निकाह करो और उसके यहाँ अपने पुरूषों के लिए निकाह का संदेश भेजो। ह़सन दोनों में से जिसे चाहो, तलाक़ दे दो। सह़ीह़ ग़ैलान बिन सलमा सक़फ़ी मुसलमान हो गए और उनके पास जाहिलियत काल में दस स्त्रियाँ थीं, जो उनके साथ मुसलमान हो गईं, तो नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने उ सह़ीह़ नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने अपनी बेटी ज़ैनब (रज़ियल्लाहु अंहा) को अबुल आस बिन रबी (रज़ियल्लाहु अंहु) के घर छह साल बाद पहले निकाह के आधार पर ही भ ह़सन वह व्यक्ति धिक्कार का हक़दार है, जिसने अपनी औरत से उसके मलद्वार में संभोग किया। ह़सन मैंने पूछा : ऐ अल्लाह के रसूल! हम में से किसे एक के ऊपर उसकी पत्नी के किया अधिकार हैं? आपने उत्तर दिया : "जब तुम खाओ तो उसे खिलाओ, जब तुम पहनो या फ़रम सह़ीह़ यहूदी कहा करते थे किः जब कोई व्यक्ति अपनी पत्नी से पीछे की ओर से (किंतु योनि में ही) संभोग करेगा, तो बच्चा भेंगा पैदा होगा। इसपर यह आयत उतरीः {نساؤكم सह़ीह़ जब कोई व्यक्ति अपनी पत्नी को अपने बिस्तर पर बुलाए और उसके इनकार करने पर वह नाराज़ होकर रात गुज़ारे, तो फ़रिश्ते सुबह तक उसपर लानत करते रहते हैं। स़ह़ीह़ अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने कृत्रिम बाल जोड़ने वाली तथा जुड़वाने वाली और गोदने वाली तथा गुदवाने वाली पर लानत भेजी है। सह़ीह़ मैंने बच्चे को दूध पिलाने के दिनों में, पत्नी से संभोग करने से, मना करने का इरादा कर लिया था, लेकिन रूम तथा फ़ारस वालों को देखा कि वे ऐसा करते हैं और
بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.5 / 29.5
रोशनी 97%
13 दिनों में अमावस्या
أستغفر الله मैं अल्लाह से माफी माँगता हूँ

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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