फ़ज़ीलतें तथा आदाब पर हदीसें

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«फ़ज़ीलतें तथा आदाब» पर 744 समझाई गई नबवी हदीसें: अरबी पाठ, अनुवाद, व्याख्या और सीख, प्रामाणिकता की डिग्री और स्रोतों के साथ।

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

फ़ज़ीलतें तथा आदाब पर हदीसों की सूची

सह़ीह़ ऐ साद बिन मुआज़! काबा के रब की क़सम, मुझे उहुद पर्वत के निकट से जन्नत की सुगंध आ रही है। स़ह़ीह़ अगर तुम्हारी बातें सही हैं, जो तुम कह रहे हो, तो मानो तुम उनके मुँह में गरम राख ठूँस रहे हो। तुम जब तक इसे जारी रखोगे, अल्लाह की ओर से तुम्हारे साथ उन सह़ीह़ आख़िरत की तुलना में दुनिया ऐसी है, जैसे तुममें से कोई अपनी उँगली समुद्र में डाले (और उठाए)। उसे देखना चाहिए कि उँगली के साथ कितना पानी आया। सह़ीह़ यह व्यक्ति उस तरह के धरती भर लोगों से उत्तम है। सह़ीह़ कभी ऐसा नहीं हुआ कि अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से कुछ माँगा गया और आपने ना कह दी। सह़ीह़ अगर मोमिन जान लेता कि अल्लाह के पास कैसी-कैसी सज़ा है तो वह उसकी जन्नत की लालच न करता और अगर काफ़िर जान लेता कि अल्लाह के पास कितनी दया है तो वह उसकी स़ह़ीह़ जो लोग किसी सभा से अल्लाह का ज़िक्र किए बिना उठ जाते हैं, वे वैसे हैं जैसे मरे हुए गधे के पास से उठते हैं, और यह उनके लिए पछतावे का कारण बनेगा। सह़ीह़ मुझे यह पसंद नहीं है कि मेरे पास इस उहुद पर्वत के बराबर सोना हो और तीन दिनों के बाद मेरे पास उसका एक दीनार भी शेष रह जाए, सिवाय उसके जिसे मैं क़र्ज़ अ स़ह़ीह़ उस व्यक्ति की मिसाल जो अपने रब को याद करता है और उसकी मिसाल जो अपने रब को याद नहीं करता, जीवित और मृत की सी है। सह़ीह़ अल्लाह की क़सम! अल्लाह के निकट दुनिया उससे कहीं अधिक महत्वहीन है, जितना तुम्हारे निकट यह बकरी का बच्चा। स़ह़ीह़ मैं अपने बाद तुम्हारे बारे में जिन चीज़ों से डरता हूँ, उनमें से एक दुनिया की चमक-दमक और उसकी माया के दरवाज़ों का खुलना है। सह़ीह़ ऐ अल्लाह के रसूल! अच्छे व्यवहार का सबसे अधिक हक़दार कौन है? फ़रमायाः तेरी माँ, फिर तेरी माँ, फिर तेरी माँ, फिर तेरा बाप, फिर क्रमशः तेरा सबसे निकट का सह़ीह़ जिसने अल्लाह के मार्ग में दो चीज़ें खर्च कीं, उसे जन्नत के दरवाज़ों से पुकारा जाएगा कि ऐ अल्लाह के बंदे! यह बेहतर है। फिर तो नमाज़ियों को नमाज़ के द्व सह़ीह़ जिसने अल्लाह के मार्ग में कुछ खर्च किया, उसके लिए उसका सात सौ गुना तक बढ़ा कर लिखा जाएगा। सह़ीह़ कौन मुझे इस बात की गारंटी देगा कि लोगों से कुछ नहीं माँगेगा और मैं उसे जन्नत की गारंटी दे दूँ? ह़सन जो ज्ञान प्राप्त करने के लिए निकला, वह वापस आने तक अल्लाह के मार्ग में है। सह़ीह़ जिसने स्वप्न में मुझे देखा, वह जागते हुए भी मुझे देखेगा या कहा कि उसने मानो, मुझे जागते में देखा क्योंके शैतान मेरा रूप धारण नहीं कर सकता। स़ह़ीह़ ऐ अबू सईद! जो अल्लाह के रब होने, इस्लाम के धर्म होने और मुहम्मद के रसूल होने से संतुष्ट हो गया, उसके लिए जन्नत अनिवार्य हो गई। स़ह़ीह़ जिसने कहा : "मैं अल्लाह की पवित्रता बयान करता हूँ उसकी प्रशंसा के साथ", उसके लिए जन्नत में एक खजूर का पेड़ लगा दिया जाता है। सह़ीह़ हम अपनी झोपड़ी ठीक कर रहे थे कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) वहाँ से गुज़रे। सह़ीह़ देखो, यदि इसने बिस्मिल्लाह कहा होता तो यह खाना तुम्हारे लिए काफ़ी होता। ह़सन एक साथ जमा होकर खाओ और अल्लाह का नाम लो, तुम्हारे खाने में बरकत दी जाएगी। सह़ीह़ दो खुजूरों को एक साथ मुँह में न डालो, क्योंकि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने दो खुजूरों को एक साथ मुँह में डालने से मना किया है। फिर कहन स़ह़ीह़ क़यामत के दिन जहन्नमियों में से सबसे कम अज़ाब उस व्यक्ति को हो रहा होगा, जिसके पास आग की दो पट्टियाँ और आग ही के दो जूते होंगे, जिनके कारण उसका मस्तिष ह़सन मेराज की रात, मैं ऐसे लोगों के पास से गुज़रा, जिनके नाख़ून ताँबे के थे और वे अपने चेहरों और सीनों को नोच रहे थे। मैंने कहा कि जिबरील! यह कौन लोग हैं? सह़ीह़ अल्लाह तआला ने जो हिदायत और ज्ञान देकर मुझे भेजा है, उसकी मिसाल तेज़ बारिश की सी है, जो ज़मीन पर बरसती है। फिर धरती का कुछ भाग उपजाऊ होता है। वह पानी सह़ीह़ यह आग तुम्हारी दुशमन है। अतः, जब सोने लगो, तो उसे बुझा दिया करो। सह़ीह़ मृतक के साथ तीन चीज़ें जाती हैं; उसके घर के लोग, उसका धन और उसका कर्म। फिर दो चीज़ें लौट आती हैं और एक साथ रह जाती है। उसके घर के लोग और धन वापस आ जात स़ह़ीह़ सवार पैदल चलने वाले को सलाम करेगा, पैदल चलने वाला बैठे हुए को सलाम करेगा और छोटा समूह बड़े समूह को सलाम करेगा। सह़ीह़ मैंने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को देखा कि भूख के कारण सारा दिन पेट पर झुके रहते थे (ताकि भूख की कठोरता कम महसूस हो)। आपको रद्दी खुजूर सह़ीह़ जन्नत की हमेशा बाकी रहने वाली नेमतों की ओर प्रेरित करना और जहन्न की दुखदायी यातना से सावधान करना। सह़ीह़ बहुत ख़ूब, यह तो बहुत लाभदायक माल है। यह तो वाकई लाभदायक धन है। जो कुछ तुमने कहा, उसे मैंने सुन लिया। मेरी राय यह है कि तुम इसे अपने रिश्तेदारों में ब सह़ीह़ अल्लाह तआला ने कृपा को एक सौ भागों में बाँटकर अपने पास निन्यानवे भाग रख लिए और धरती में एक भाग उतारा। उसी एक भाग के कारण सारी सृष्टियाँ एक-दूसरे पर दय सह़ीह़ यह व्यक्ति हमारे पीछे-पीछे आ गया है। तुम उसे अनुमति दो तो ठीक है, वरना वापस हो जाएगा। उसने कहाः अल्लाह के रसूल! बल्कि मैं उसे अनुमति देता हूँ। सह़ीह़ मैंने अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को देखा कि तीन उँगलियों से खाना खा रहे थे। जब खाना खा चुके तो उँगलियों को चाट लिया। दोनों रिवायतों को मिलाकर सह़ीह़ लोगों को पिलाने वाला सबसे अंत में पीता है। ह़सन मैंने अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को ज़मज़म का पानी पिलाया और आपने खड़े-खड़े पी लिया। इमाम तिर्मिज़ी कहते हैं कि : यह ह़दीस़ ह़सन है। “जहाँ कहीं भी रहो, अल्लाह से डरते रहो, बुरे कर्म के बाद अच्छे कर्म कर लिया करो, अच्छे कर्म बुरे कर्म को मिटा देंगे तथा लोगों के साथ उत्तम आचरण वाला व् स़ह़ीह़ जब दो मुसलमान अपनी-अपनी तलवारें लेकर आपस में भिड़ जाएँ तो मरने वाला और मारने वाला दोनों जहन्नमी हैं अल्लामा नववी रह़िमहुल्लाह कहते हैं : ह़दीस़ ह़सन है। दुनिया के मोह से आज़ाद रहो, अल्लाह का प्यारा बन जाओगे और लोगों के पास जो कुछ है, उसका लोभ न करो, लोग भी तुम्हें प्यार देंगे। स़ह़ीह़ नेकी तो अच्छा व्यवहार है और गुनाह वह है जो तेरे दिल में खटके और तुझे यह बुरा लगे कि लोग उसे जान जाएँ। सह़ीह़ तुमसे पहले लोगों में एक व्यक्ति था, जिसने निन्यानवे लोगों का वध किया था। उसने लोगों से धरती के सबसे बड़े ज्ञानी का पता लगाया तो उसे एक सन्यासी के बारे सह़ीह़ अल्लाह अपने बंदे की तौबा से उस व्यक्ति से कहीं अधिक प्रसन्न होता है, जिसने किसी मरुभूमि में अपना ऊँट गुम करके फिर पा लिया हो। स़ह़ीह़ निस्संदेह, हलाल स्पष्ट है और हराम भी स्पष्ट है ह़सन निश्चय ही, अल्लाह तआला बंदे की तौबा उस समय तक कबूल करता है, जब तक उसकी जान गले में न आ जाए। स़ह़ीह़ “निस्संदेह, अल्लाह पवित्र है और केवल पवित्र चीज़ों को ही स्वीकार करता है। अल्लाह ने ईमान वालों को वही आदेश दिया है, जो उसने रसूलों को दिया था। स़ह़ीह़ ''महान अल्लाह रात में हाथ फैलाता है, ताकि दिन में गुनाह करने वाला तौबा कर ले और दिन में हाथ फैलाता है, ताकि रात में गुनाह करने वाला तौबा कर ले, यहाँ त स़ह़ीह़ अल्लाह ने हर चीज़ के साथ अच्छे बर्ताव को अनिवार्य किया है सह़ीह़ ऐ अंसारियो! क्या मैंने तुम्हें सत्य की राह से भटका हुआ नहीं पाया तो अल्लाह ने तुम्हें मेरे द्वारा सीधा रास्ता दिखाया? तुम बिखरे हुए नहीं थे कि अल्लाह सह़ीह़ एक व्यक्ति ने अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से यात्रा के दौरान रोज़ा रखने के संबंध में प्रश्न किया तो आपने फ़रमाया: यदि चाहो तो रोज़ा रखो और अ स़ह़ीह़ किसी मुसलमान औरत के लिए जायज़ नहीं कि एक दिन एवं एक रात की यात्रा किसी महरम के बिना करे। सह़ीह़ शैतान आदम की संतान की रगों में लहू की तरह दौड़ता है। इसलिए मुझे डर हुआ कि शैतान तुम्हारे दिलों में कोई गलत ख़्याल न डाल दे। स़ह़ीह़ अल्लाह तुम्हारे रूप और तुम्हारे धनों को नहीं देखता, बल्कि तुम्हारे दिलों और कर्मों को देखता है। सह़ीह़ मदीने में कुछ लोग हैं कि तुमने जो भी यात्रा की और घाटी पार की, वह तुम्हारे साथ रहे। उन्हें बीमारी ने रोक दिया था। स़ह़ीह़ “‎क्या अल्लाह ने तुम्हारे लिए वह चीज़ें नहीं बनाई हैं, जिनसे तुम सदक़ा कर सकते हो? हर तस्बीह (सुब्हानल्लाह कहना) सदक़ा है, हर तकबीर (अल्लाहु अकबर कहना स़ह़ीह़ पूर्व के नबियों की वाणियों में से जो बातें लोगों को प्राप्त हुईं, उनमें से एक यह है कि जब तेरे अंदर शर्म व हया न रहे, तो जो चाहे, कर। स़ह़ीह़ सभी कार्यों का आधार नीयतों पर है और प्रत्येक व्यक्ति को उसकी नीयत के अनुरूप ही प्रतिफल मिलेगा स़ह़ीह़ ‎“‎इस संसार में ऐसे रहो जैसे कि तुम एक अजनबी हो या एक मुसाफ़िर।” स़ह़ीह़ “आपस में ईर्ष्या मत करो, क्रय-विक्रय में एक दूसरे से छल मत करो, एक-दूसरे से घृणा मत करो, एक-दूसरे से मुख मत फेरो तथा किसी के व्यापार पर व्यापार मत करो स़ह़ीह़ गुस्सा मत किया करो
بسم الله الرحمن الرحيم बुध 16 जुमादा अल-अव्वल
الأربعاء 16 جمادى الأولى
أحدب متناقص घटता हुआ कूबड़ दिन 17.5 / 29.5
रोशनी 92%
12 दिनों में अमावस्या
الحمد لله अल्लाह की सारी प्रशंसा है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद