क़ुरआन का रुकू 485 पढ़ें

रुकू 485 सूरह As-Saff (आयत 10 से 14) से है। इसमें 5 आयतें हैं और यह जुज़ 28 में है।

05 अगस्त 2026 को 16h34 बजे अपडेट किया गया

क़ुरआन में रुकू 485

5
आयतें
1
सूरह
28
जुज़
v.10 – v.14
आयतें

रुकू 485 में सूरह

الصف · जुज़ 28
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पृष्ठ 552
रुकू 485
سورة الصف
जुज़ 28 49.6% (68/137)
हिज़्ब 55 93.2% (68/73)

يَـٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ هَلْ أَدُلُّكُمْ عَلَىٰ تِجَـٰرَةٍۢ تُنجِيكُم مِّنْ عَذَابٍ أَلِيمٍۢ ﴿10﴾

ऐ ईमानदारों क्या मैं नहीं ऐसी तिजारत बता दूँ जो तुमको (आख़ेरत के) दर्दनाक अज़ाब से निजात दे

تُؤْمِنُونَ بِٱللَّهِ وَرَسُولِهِۦ وَتُجَـٰهِدُونَ فِى سَبِيلِ ٱللَّهِ بِأَمْوَٰلِكُمْ وَأَنفُسِكُمْ ۚ ذَٰلِكُمْ خَيْرٌۭ لَّكُمْ إِن كُنتُمْ تَعْلَمُونَ ﴿11﴾

(वह ये है कि) ख़ुदा और उसके रसूल पर ईमान लाओ और अपने माल व जान से ख़ुदा की राह में जेहाद करो अगर तुम समझो तो यही तुम्हारे हक़ में बेहतर है

يَغْفِرْ لَكُمْ ذُنُوبَكُمْ وَيُدْخِلْكُمْ جَنَّـٰتٍۢ تَجْرِى مِن تَحْتِهَا ٱلْأَنْهَـٰرُ وَمَسَـٰكِنَ طَيِّبَةًۭ فِى جَنَّـٰتِ عَدْنٍۢ ۚ ذَٰلِكَ ٱلْفَوْزُ ٱلْعَظِيمُ ﴿12﴾

(ऐसा करोगे) तो वह भी इसके ऐवज़ में तुम्हारे गुनाह बख्श देगा और तुम्हें उन बाग़ों में दाख़िल करेगा जिनके नीचे नहरें जारी हैं और पाकीजा मकानात में (जगह देगा) जो जावेदानी बेहिश्त में हैं यही तो बड़ी कामयाबी है

وَأُخْرَىٰ تُحِبُّونَهَا ۖ نَصْرٌۭ مِّنَ ٱللَّهِ وَفَتْحٌۭ قَرِيبٌۭ ۗ وَبَشِّرِ ٱلْمُؤْمِنِينَ ﴿13﴾

और एक चीज़ जिसके तुम दिल दादा हो (यानि तुमको) ख़ुदा की तरफ से मदद (मिलेगी और अनक़रीब फतेह (होगी) और (ऐ रसूल) मोमिनीन को ख़ुशख़बरी (इसकी) दे दो

يَـٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ كُونُوٓا۟ أَنصَارَ ٱللَّهِ كَمَا قَالَ عِيسَى ٱبْنُ مَرْيَمَ لِلْحَوَارِيِّـۧنَ مَنْ أَنصَارِىٓ إِلَى ٱللَّهِ ۖ قَالَ ٱلْحَوَارِيُّونَ نَحْنُ أَنصَارُ ٱللَّهِ ۖ فَـَٔامَنَت طَّآئِفَةٌۭ مِّنۢ بَنِىٓ إِسْرَٰٓءِيلَ وَكَفَرَت طَّآئِفَةٌۭ ۖ فَأَيَّدْنَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ عَلَىٰ عَدُوِّهِمْ فَأَصْبَحُوا۟ ظَـٰهِرِينَ ﴿14﴾

ऐ ईमानदारों ख़ुदा के मददगार बन जाओ जिस तरह मरियम के बेटे ईसा ने हवारियों से कहा था कि (भला) ख़ुदा की तरफ (बुलाने में) मेरे मददगार कौन लोग हैं तो हवारीन बोल उठे थे कि हम ख़ुदा के अनसार हैं तो बनी इसराईल में से एक गिरोह (उन पर) ईमान लाया और एक गिरोह काफिर रहा, तो जो लोग ईमान लाए हमने उनको उनके दुशमनों के मुक़ाबले में मदद दी तो आख़िर वही ग़ालिब रहे

بسم الله الرحمن الرحيم सोम 1 रबी अल-सानी
الاثنين 1 ربيع الآخر
هلال متزايد बढ़ता हुआ अर्धचंद्र दिन 3.1 / 29.5
रोशनी 10%
12 दिनों में पूर्णिमा
سبحان الله وبحمده अल्लाह की महिमा और स्तुति है