क़ुरआन का पृष्ठ 1 पढ़ें

मुसहफ़ का पृष्ठ 1 7 आयतों को समाहित करता है। यह जुज़ 1, हिज़्ब 1 में है।

05 अगस्त 2026 को 16h34 बजे अपडेट किया गया

क़ुरआन में पृष्ठ 1

7
आयतें
1
जुज़
1
हिज़्ब
1
सूरह

पृष्ठ 1 में सूरह

الفاتحة · जुज़ 1
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जुज़ 1
पृष्ठ 1
سورة الفاتحة
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بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ ﴿1﴾

अल्लाह के नाम से जो रहमान व रहीम है।

ٱلْحَمْدُ لِلَّهِ رَبِّ ٱلْعَـٰلَمِينَ ﴿2﴾

तारीफ़ अल्लाह ही के लिये है जो तमाम क़ायनात का रब है।

ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ ﴿3﴾

रहमान और रहीम है।

مَـٰلِكِ يَوْمِ ٱلدِّينِ ﴿4﴾

रोज़े जज़ा का मालिक है।

إِيَّاكَ نَعْبُدُ وَإِيَّاكَ نَسْتَعِينُ ﴿5﴾

हम तेरी ही इबादत करते हैं, और तुझ ही से मदद मांगते है।

ٱهْدِنَا ٱلصِّرَٰطَ ٱلْمُسْتَقِيمَ ﴿6﴾

हमें सीधा रास्ता दिखा।

صِرَٰطَ ٱلَّذِينَ أَنْعَمْتَ عَلَيْهِمْ غَيْرِ ٱلْمَغْضُوبِ عَلَيْهِمْ وَلَا ٱلضَّآلِّينَ ﴿7﴾

उन लोगों का रास्ता जिन पर तूने इनाम फ़रमाया, जो माअतूब नहीं हुए, जो भटके हुए नहीं है।

بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 2 रबी अल-सानी
الثلاثاء 2 ربيع الآخر
هلال متزايد बढ़ता हुआ अर्धचंद्र दिन 3.7 / 29.5
रोशनी 15%
11 दिनों में पूर्णिमा
الله أكبر अल्लाह सबसे महान है