रुकू 555 सूरह Al-Falaq (आयत 1 से 5) से है। इसमें 5 आयतें हैं और यह जुज़ 30 में है।
28 अक्टूबर 2026 को 00h24 बजे अपडेट किया गया
पूरा पृष्ठ पढ़ें : क़ुरआन का रुकू 555 पढ़ें →
قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ ٱلْفَلَقِ ﴿1﴾
(ऐ रसूल) तुम कह दो कि मैं सुबह के मालिक की
مِن شَرِّ مَا خَلَقَ ﴿2﴾
हर चीज़ की बुराई से जो उसने पैदा की पनाह माँगता हूँ
وَمِن شَرِّ غَاسِقٍ إِذَا وَقَبَ ﴿3﴾
और अंधेरीरात की बुराई से जब उसका अंधेरा छा जाए
وَمِن شَرِّ ٱلنَّفَّـٰثَـٰتِ فِى ٱلْعُقَدِ ﴿4﴾
और गन्डों पर फूँकने वालियों की बुराई से
وَمِن شَرِّ حَاسِدٍ إِذَا حَسَدَ ﴿5﴾
(जब फूँके) और हसद करने वाले की बुराई से