क़ुरआन का रुकू 555 पढ़ें

रुकू 555 सूरह Al-Falaq (आयत 1 से 5) से है। इसमें 5 आयतें हैं और यह जुज़ 30 में है।

05 अगस्त 2026 को 16h34 बजे अपडेट किया गया

क़ुरआन में रुकू 555

5
आयतें
1
सूरह
30
जुज़
v.1 – v.5
आयतें

रुकू 555 में सूरह

الفلق · जुज़ 30
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पृष्ठ 604
रुकू 555
سورة الإخلاص
जुज़ 30 98.0% (553/564)
हिज़्ब 60 96.2% (277/288)

قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ ٱلْفَلَقِ ﴿1﴾

(ऐ रसूल) तुम कह दो कि मैं सुबह के मालिक की

مِن شَرِّ مَا خَلَقَ ﴿2﴾

हर चीज़ की बुराई से जो उसने पैदा की पनाह माँगता हूँ

وَمِن شَرِّ غَاسِقٍ إِذَا وَقَبَ ﴿3﴾

और अंधेरीरात की बुराई से जब उसका अंधेरा छा जाए

وَمِن شَرِّ ٱلنَّفَّـٰثَـٰتِ فِى ٱلْعُقَدِ ﴿4﴾

और गन्डों पर फूँकने वालियों की बुराई से

وَمِن شَرِّ حَاسِدٍ إِذَا حَسَدَ ﴿5﴾

(जब फूँके) और हसद करने वाले की बुराई से

بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 2 रबी अल-सानी
الثلاثاء 2 ربيع الآخر
هلال متزايد बढ़ता हुआ अर्धचंद्र दिन 3.9 / 29.5
रोशनी 16%
11 दिनों में पूर्णिमा
حسبنا الله ونعم الوكيل अल्लाह हमारे लिए काफी है, कितना अच्छा रक्षक है