क्या अल्लाह और यहवा एक ही माबूद हैं ?

होम > धर्म और मान्यताएँ > यहूदी धर्म : इस्लाम की नज़र में > क्या अल्लाह और यहवा एक ही माबूद हैं ?

वही ख़ालिक़, मुख़्तलिफ़ अक़ाईद : अलक़ाब क्या कहते हैं (अल्लाह, एलोहीम, यहवा, अलाहा), क़ुरआन एहले-किताब से क्या कहता है, और असल में क्या जुदा करता है।

हाँ, यह वही ख़ालिक़ है : अल्लाह इबराहीम के अल्लाह का अरबी नाम है, इबरानी एलोह और आरामी अलाहा का हम-मंबे, और अरबी बाइबिलें, यहूदी और ईसाई दोनों, "अल्लाह" ही लफ़्ज़ इस्तेमाल करती हैं। क़ुरआन एहले-किताब से यह बयान करता है : "हम ईमान लाए उसपर, जो हमारी ओर उतारा गया और तुम्हारी ओर उतारा गया, तथा हमारा पूज्य और तुम्हारा पूज्य एक ही है और हम उसी के आज्ञाकारी हैं" (क़ुरआन 29:46)। जो मुख़्तलिफ़ है वह ख़ालिक़ की शनाख़्त नहीं, बल्कि उसकी ज़ात और क़ानूनों पर अक़ीदा है : ईसाई त्रित्व, यहूदी पैग़ंबरी की बंदी, इस्लामी तौहीद।

18 अक्टूबर 2026 को 20h58 बजे अपडेट किया गया

📖 2 मिनट पढ़ने का समय

अल्लाह और यहवा : अलक़ाब क्या कहते हैं

मुवाज़नती इल्म बहुत पहले से नोट करता है : अल्लाह, एलोह और एलोहीम (बाइबिली इबरानी), अलाहा (आरामी, ईसा की ज़बान) हम-मंबे अलक़ाब हैं : "अल्लाह" के लिए वही सामी जड़। अरब ईसाई इस्लाम से पहले से "अल्लाह" से दुआ करते रहे हैं, और बाइबिल के अरबी तरजुमे, यहूदी और ईसाई दोनों, الله लिखते हैं।

यहूदी शमा कहता है : "ऐ इसराईल! सुन, रब हमारा अल्लाह इक अकेला रब है" (बाइबिल दु रब्बिनात, व्यवस्थाविवरण 6:4) ;

क़ुरआन उसी के पास जवाब देता है : "(ऐ रसूल!) आप कह दीजिए : वह अल्लाह एक है। अल्लाह बेनियाज़ है। न उसकी कोई संतान है और न वह किसी की संतान है। और न कोई उसका समकक्ष है।" (क़ुरआन 112)।

नाम इक है ; ख़ालिक़ इक है ; जो बहस का बाब है वह इस नाम से जुड़ी अक़ीदा है।

क़ुरआन एहले-किताब से क्या कहता है

क़ुरआन शनाख़्त का सवाल साफ़ तौर पर फ़ैसला करता है, उस मुक़ालमे में जो वह एहले-किताब के साथ हुक्म देता है : "हम ईमान लाए उसपर, जो हमारी ओर उतारा गया और तुम्हारी ओर उतारा गया, तथा हमारा पूज्य और तुम्हारा पूज्य एक ही है और हम उसी के आज्ञाकारी हैं" (क़ुरआन 29:46)। इस्लाम ख़ुद को इबराहीम का बहाल-शुदा दीन पेश करता है : मूसा (अलैहिस्सलाम), ईसा और मुहम्मद (उन पर अल्लाह की रहमत और सलामत हो) का अल्लाह एक ही है, और पिछले रसूल सिर्फ़ उसी की तरफ़ बुलाते रहे।

ग़ौर-तलब नुक़्ता : क़ुरआन सुनाता है कि मक्के के कुफ़्फ़ार ख़ुद, अपनी इबादतों में शिर्की, बुलंद ख़ालिक़ को "अल्लाह" कहते थे (क़ुरआन 31:25) : यह लफ़्ज़ ख़ालिक़ को बयान करता है, माबूदों में से इक को नहीं।

अल्लाह और यहवा : असल में क्या जुदा करता है

अगर शनाख़्त मुश्तरका है तो अक़ाईद सामने-सामने मुख़्तलिफ़ हैं। यहूदी धर्म सख़्त एकता का इलान करता है और पैग़ंबरी को बाइबिली दौर में बंद करता है। ईसाई धर्म तीन व्यक्तियों में इक अल्लाह और ईसा को जिस्म में आया अल्लाह ठहराता है।

इस्लाम तौहीद का इलान करता है : इक अकेला ख़ालिक़, बग़ैर व्यक्ति, बग़ैर शरीक, जिसका आख़िरी रसूल मुहम्मद हैं।

अरब ईसाई कहते हैं "अल्लाह तीन हैं इक ज़ात में" ; मुसलमान जवाब देता है "अल्लाह एक है, उसकी कोई मिसाल नहीं"। बहस अल्लाह की ज़ात पर है, उसके वजूद पर कभी नहीं : इसी वजह से मुक़ालमा मुमकिन है, हुज्जतों वाला है, और दोनों तरफ़ इज़्ज़त-मंद है।

ईसाई धर्म और यहूदी धर्म के पृष्ठ हर इख़्तिलाफ़ की तफ़सील हर रिवायत के नुस्ख़ों के साथ देते हैं।

बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न अल्लाह और यहवा

क्या अल्लाह किसी अलग अरब माबूद का नाम है ?

नहीं। "अल्लाह" सिर्फ़ अल्लाह का अरबी लफ़्ज़ है, जो इस्लाम से पहले से अरब ईसाई और अरबी-ज़बान यहूद इस्तेमाल करते रहे हैं, और अरबी बाइबिलों में आता है। क़ुरआन ख़ुद साफ़ करता है कि आसमान और धरती के ख़ालिक़ के बारे में पूछे जाने पर वे ज़रूर कहेंगे : "वे अवश्य कहेंगे कि अल्लाह ने" (क़ुरआन 31:25) : यही वह नाम है जो मक्के के कुफ़्फ़ार भी ख़ालिक़ को देते थे।

क्या यहवा और अल्लाह एक-दूसरे के बदले इस्तेमाल हो सकते हैं ?

वे उसी हस्ती की तरफ़ इशारा करते हैं, इक अकेले ख़ालिक़, मगर हर रिवायत उसके साथ अपनी अक़ीदा जोड़ती है : इसराईल की मुआहदे में यहवा, ईसाई धर्म के लिए त्रित्व का बाप, इस्लाम के लिए तौहीद का अल्लाह। नाम मुश्तरका है ; इल्म-उल-कलाम की बहस होती है।

स्रोत: क़ुरआन 29:46 · बाइबिल दु रब्बिनात (व्यवस्थाविवरण 6:4) · क़ुरआन 112

के बारे में अन्य प्रश्न अल्लाह और यहवा

आगे पढ़ें अल्लाह और यहवा

بسم الله الرحمن الرحيم बुध 9 जुमादा अल-अव्वल
الأربعاء 9 جمادى الأولى
أحدب متزايد बढ़ता हुआ कूबड़ दिन 10.1 / 29.5
रोशनी 77%
5 दिनों में पूर्णिमा
حسبنا الله ونعم الوكيل अल्लाह हमारे लिए काफी है, कितना अच्छा रक्षक है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद