क़ुरआन का रुकू 389 पढ़ें

रुकू 389 सूरह As-Saffat (आयत 114 से 138) से है। इसमें 25 आयतें हैं और यह जुज़ 23 में है।

05 अगस्त 2026 को 16h34 बजे अपडेट किया गया

क़ुरआन में रुकू 389

25
आयतें
1
सूरह
23
जुज़
v.114 – v.138
आयतें

रुकू 389 में सूरह

الصافات · जुज़ 23
पृष्ठ 450
रुकू 389
سورة الصافات
जुज़ 23 47.3% (169/357)
हिज़्ब 45 84.5% (169/200)

وَلَقَدْ مَنَنَّا عَلَىٰ مُوسَىٰ وَهَـٰرُونَ ﴿١١٤﴾

और हमने मूसा और हारून पर बहुत से एहसानात किए हैं

وَنَجَّيْنَـٰهُمَا وَقَوْمَهُمَا مِنَ ٱلْكَرْبِ ٱلْعَظِيمِ ﴿١١٥﴾

और खुद दोनों को और इनकी क़ौम को बड़ी (सख्त) मुसीबत से नजात दी

وَنَصَرْنَـٰهُمْ فَكَانُوا۟ هُمُ ٱلْغَـٰلِبِينَ ﴿١١٦﴾

और (फिरऔन के मुक़ाबले में) हमने उनकी मदद की तो (आख़िर) यही लोग ग़ालिब रहे

وَءَاتَيْنَـٰهُمَا ٱلْكِتَـٰبَ ٱلْمُسْتَبِينَ ﴿١١٧﴾

और हमने उन दोनों को एक वाज़ेए उलम तालिब किताब (तौरेत) अता की

وَهَدَيْنَـٰهُمَا ٱلصِّرَٰطَ ٱلْمُسْتَقِيمَ ﴿١١٨﴾

और दोनों को सीधी राह की हिदायत फ़रमाई

وَتَرَكْنَا عَلَيْهِمَا فِى ٱلْـَٔاخِرِينَ ﴿١١٩﴾

और बाद को आने वालों में उनका ज़िक्रे ख़ैर बाक़ी रखा

سَلَـٰمٌ عَلَىٰ مُوسَىٰ وَهَـٰرُونَ ﴿١٢٠﴾

कि (हर जगह) मूसा और हारून पर सलाम (ही सलाम) है

إِنَّا كَذَٰلِكَ نَجْزِى ٱلْمُحْسِنِينَ ﴿١٢١﴾

हम नेकी करने वालों को यूँ जज़ाए ख़ैर अता फरमाते हैं

إِنَّهُمَا مِنْ عِبَادِنَا ٱلْمُؤْمِنِينَ ﴿١٢٢﴾

बेशक ये दोनों हमारे (ख़ालिस ईमानदार बन्दों में से थे)

وَإِنَّ إِلْيَاسَ لَمِنَ ٱلْمُرْسَلِينَ ﴿١٢٣﴾

और इसमें शक नहीं कि इलियास यक़ीनन पैग़म्बरों में से थे

إِذْ قَالَ لِقَوْمِهِۦٓ أَلَا تَتَّقُونَ ﴿١٢٤﴾

जब उन्होंने अपनी क़ौम से कहा कि तुम लोग (ख़ुदा से) क्यों नहीं डरते

أَتَدْعُونَ بَعْلًۭا وَتَذَرُونَ أَحْسَنَ ٱلْخَـٰلِقِينَ ﴿١٢٥﴾

क्या तुम लोग बाल (बुत) की परसतिश करते हो और खुदा को छोड़े बैठे हो जो सबसे बेहतर पैदा करने वाला है

ٱللَّهَ رَبَّكُمْ وَرَبَّ ءَابَآئِكُمُ ٱلْأَوَّلِينَ ﴿١٢٦﴾

और (जो) तुम्हारा परवरदिगार और तुम्हारे अगले बाप दादाओं का (भी) परवरदिगार है

فَكَذَّبُوهُ فَإِنَّهُمْ لَمُحْضَرُونَ ﴿١٢٧﴾

तो उसे लोगों ने झुठला दिया तो ये लोग यक़ीनन (जहन्नुम) में गिरफ्तार किए जाएँगे

إِلَّا عِبَادَ ٱللَّهِ ٱلْمُخْلَصِينَ ﴿١٢٨﴾

मगर खुदा के निरे खरे बन्दे महफूज़ रहेंगे

وَتَرَكْنَا عَلَيْهِ فِى ٱلْـَٔاخِرِينَ ﴿١٢٩﴾

और हमने उनका ज़िक्र ख़ैर बाद को आने वालों में बाक़ी रखा

سَلَـٰمٌ عَلَىٰٓ إِلْ يَاسِينَ ﴿١٣٠﴾

कि (हर तरफ से) आले यासीन पर सलाम (ही सलाम) है

إِنَّا كَذَٰلِكَ نَجْزِى ٱلْمُحْسِنِينَ ﴿١٣١﴾

हम यक़ीनन नेकी करने वालों को ऐसा ही बदला दिया करते हैं

إِنَّهُۥ مِنْ عِبَادِنَا ٱلْمُؤْمِنِينَ ﴿١٣٢﴾

बेशक वह हमारे (ख़ालिस) ईमानदार बन्दों में थे

وَإِنَّ لُوطًۭا لَّمِنَ ٱلْمُرْسَلِينَ ﴿١٣٣﴾

और इसमें भी शक नहीं कि लूत यक़ीनी पैग़म्बरों में से थे

إِذْ نَجَّيْنَـٰهُ وَأَهْلَهُۥٓ أَجْمَعِينَ ﴿١٣٤﴾

जब हमने उनको और उनके लड़के वालों सब को नजात दी

إِلَّا عَجُوزًۭا فِى ٱلْغَـٰبِرِينَ ﴿١٣٥﴾

मगर एक (उनकी) बूढ़ी बीबी जो पीछे रह जाने वालों ही में थीं

ثُمَّ دَمَّرْنَا ٱلْـَٔاخَرِينَ ﴿١٣٦﴾

फिर हमने बाक़ी लोगों को तबाह व बर्बाद कर दिया

وَإِنَّكُمْ لَتَمُرُّونَ عَلَيْهِم مُّصْبِحِينَ ﴿١٣٧﴾

और ऐ अहले मक्का तुम लोग भी उन पर से (कभी) सुबह को और (कभी) शाम को (आते जाते गुज़रते हो)

وَبِٱلَّيْلِ ۗ أَفَلَا تَعْقِلُونَ ﴿١٣٨﴾

तो क्या तुम (इतना भी) नहीं समझते

بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 18 रबी अल-अव्वल
الثلاثاء 18 ربيع الأول
أحدب متناقص घटता हुआ कूबड़ दिन 18.9 / 29.5
रोशनी 82%
11 दिनों में अमावस्या
لا حول ولا قوة إلا بالله अल्लाह के बिना कोई शक्ति और सामर्थ्य नहीं